By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 05, 2026
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि वह राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान किए गए ‘‘अमानवीय’’ आचरण के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है और कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एसआईआर के कारण हुए अमानवीय व्यवहार और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के खिलाफ अदालत में कल याचिका दायर करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि अनुमति मिली तो मैं भी उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर एक आम नागरिक के रूप में इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठाऊंगी। मैं एक प्रशिक्षित वकील भी हूं।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि बिना वैध कारणों के मतदाता सूची से नामों को ‘‘मनमाने ढंग से’’ हटाया जा रहा है, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया डर पैदा करने वाली प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने दावा किया कि गंभीर रोग से ग्रसित लोगों और बुजुर्ग नागरिकों को यह साबित करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने के लिए मजबूर किया जा रहा कि वे वैध मतदाता हैं।
मुख्यमंत्री ने सवाल किया, “अगर कोई भाजपा नेताओं के बूढ़े माता-पिता को पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दे, तो उन्हें कैसा लगेगा? जब से एसआईआर शुरू हुआ है, डर से कई लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।