By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 27, 2022
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने उनके समर्थकों को गुमराह करने के लिए यह झूठा प्रचार किया था कि अगर उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा को जीतने दिया गया, तो बहन जी को राष्ट्रपति बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने यह भी साफ कर दिया कि वह किसी भी पार्टी से इस तरह के प्रस्ताव को कभी स्वीकार नहीं करेंगी। पार्टी की विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद बसपा प्रमुख मायावती रविवार को यहां पहली बार आयोजित पदाधिकारियों, प्रमुख कार्यकर्ताओं और पूर्व प्रत्याशियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने कहा इस चुनाव में बसपा को कमजोर करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक सोची समझी साजिश के तहत काम किया।
उल्लेखनीय है कि सात चरणों में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की मतगणना 10 मार्च को हुई और प्रदेश की 403 सीट में बसपा को मात्र एक सीट पर जीत मिली। पिछले वर्ष 2017 के चुनाव में बसपा ने केवल 19 सीट पर जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार चुनाव आने तक पार्टी के अधिकांश विधायक समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये। वर्ष 2007 में मायावती के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बहुमत की सरकार बनाने वाली बसपा के लिए इस बार का चुनाव परिणाम बेहद निराशा जनक रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का एकतरफा वोट लेकर तथा दर्जनभर दलों व संगठनों के गठबंधन से चुनाव लड़ने के बावजूद सपा सत्ता में आने से काफी दूर रह गई है। ऐसे में सपा कभी भी सत्ता में वापस नहीं आ सकती है और ना ही यह पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से रोक सकती है। मायावती ने यह भी दावा किया कि अब मुस्लिम समाज के लोग सपा को वोट देकर पछता रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की कमजोरी का सपा बार-बार फायदा उठा रही है, इसलिए दिशाहीन लोगों को सपा के शिकंजे से बाहर निकाल कर अपनी पार्टी में पुन: वापस लाने का प्रयास करना है।