IAC विक्रांत पहली पांच दिवसीय समुद्री यात्रा को पूरा करके वापस लौटे

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 09, 2021

नयी दिल्ली। भारत के पहले स्वदेशी विमान वाहक (आईएसी)विक्रांत ने पांच दिवसीय अपनी पहली समुद्री यात्रा रविवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली और इस 40,000 टन वजनी युद्धपोत की प्रमुख प्रणालियों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस विमानवाहक पोत ने समुद्र में अहम परीक्षण के लिए बुधवार को यात्रा शुरू की थी। 23,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए ‘विक्रांत’ को अगले साल अगस्त तक नौसेना में शामिल करने की योजना है। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘स्वदेशी विमान वाहक (आईएसी) विक्रांत ने अपनी पहली समुद्री यात्रा आज सफलतापूर्वक पूरी की।

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इसकी ऊंचाई 59 मीटर है। इसका निर्माण 2009 में शुरू हुआ था। इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने निर्मित किया है। कमांडर मधवाल ने कहा कि कोविड महामारी के कारण चुनौतियों का सामना करने के बावजूद पहले परीक्षणों का सफलतापूर्वक पूरा होना बड़ी संख्या में इसके हितधारकों के समर्पित प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मील का पत्थर है और एक ऐतिहासिक घटना है। इसे 2022 में नौसेना में शामिल किए जाने से पहले समुद्र में कई परीक्षण किए जाएंगे।’’ भारत के पास अभी सिर्फ एक विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रमादित्य’ है। भारतीय नौसेना, हिंद महासागर क्षेत्र में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की चीन की बढ़ती कोशिशों के मद्देनजर अपनी संपूर्ण क्षमता महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने पर जोर दे रही है। हिंद महासागर, देश के रणनीतिक हितों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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