By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 12, 2026
नेपाल में शनिवार को भी तलाश अभियान जारी रहा। अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के लगभग दो सप्ताह बाद भी बचाव दल 5,000 से अधिक लापता लोगों का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार अब तक लगभग 1,400 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 13,676 लोगों को बचाया जा चुका है।
चीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, इस आपदा में चीन की ओर भी कम से कम 43 लोगों की मौत हुई है जबकि तिब्बत में 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। एनडीआरआरएमए के अनुसार नेपाल में अकेले चितवन जिले में सबसे अधिक 364 शव बरामद किए गये थे। इसके बाद पूर्वी नवलपरासी और पश्चिमी नवलपरासी का स्थान है।
बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में स्थित कई जलविद्युत परियोजनाओं पर तलाश दल तैनात किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है। इन अभियानों में नेपाल सेना, सशस्त्र प्रहरी बल, परियोजना के कर्मचारी और विदेशी तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। चिलिमे जलविद्युत परियोजना में कई टीम सुरंग के भीतर दाखिल हो चुकी हैं और कीचड़, चट्टानों तथा अन्य मलबे को हटाते हुए लगभग 115 मीटर आगे बढ़ गई हैं।
नेपाल सेना के अनुसार, अपर त्रिशूली-1 परियोजना में, विदेशी विशेषज्ञों समेत एक संयुक्त टीम लापता श्रमिकों की तलाश के लिए मुख्य सुरंग लगभग 400 मीटर अंदर दाखिल हुई है। सुरंगों के भीतर दबी संरचनाओं, कीचड़ और मलबे के साथ-साथ दुर्गम इलाके के कारण तलाश अभियान में काफी मुश्किल आई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि बरामद किए गए कुल शवों में से अब तक लगभग 100 शव ही उनके परिवारों को सौंपे गए हैं।