By अंकित सिंह | Oct 03, 2026
भारतीय वायु सेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने शनिवार को कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ़ की। उन्होंने इज़राइल जा रही फ़्लाईदुबई की एक फ़्लाइट के दौरान ओमान के को-पायलट का सामना करते हुए कैप्टन मच्छार की सूझ-बूझ, शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की सराहना की; उस को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर हमला किया था। एयर फ़ोर्स चीफ़ ने कहा कि फ़्लाईदुबई के पायलट बहादुर हैं, लेकिन एयर फ़ोर्स के नज़रिए से देखें तो अभी ऐसे ख़तरे दिखाई नहीं देते, और अगर ऐसा कुछ होता भी है, तो उसका पता जल्द ही चल जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो किया, वह बहुत ही बहादुरी भरा काम था। उन्होंने ज़बरदस्त शारीरिक और मानसिक मज़बूती दिखाई। यह हमारे लिए एक सीख है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उनके शारीरिक और मानसिक संकल्प, दोनों की तारीफ़ की और इस घटना को सिर्फ़ बहादुरी का एक व्यक्तिगत काम नहीं, बल्कि एविएटर्स के लिए एक सबक के तौर पर देखा। शुक्रवार को मच्छार ने अस्पताल से वीडियो कॉल के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और हमले के पलों के बारे में बताया। फ़ोन पर उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि चोट लगने के बावजूद उन्हें एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा है और उन्होंने कॉकपिट के दरवाज़े तक पहुँचने की आखिरी कोशिश की।
पाकिस्तान के चीन से 5वीं पीढ़ी के विमान लेने और अपने पायलटों को ट्रेनिंग देने के सवाल पर IAF चीफ ने कहा कि यह चिंता की बात तो है, लेकिन उतनी ज़्यादा नहीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास पहले भी एयर पावर थी, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के नतीजों ने हथियारों के इंटीग्रेशन की अहमियत दिखाई। 5वीं पीढ़ी के विमानों के लिए उन्होंने कहा कि भारत का AMCA प्रोग्राम चल रहा है। अगर इस प्रोग्राम में देरी होती है, तो भारत को कहीं और से 5वीं पीढ़ी के विमान लेने होंगे।