आईएआरआई के निदेशक ने कहा-मौजूदा बारिश पहले बोई गई फसलों के लिए हानिकारक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 11, 2022

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के निदेशक ए के सिंह ने सोमवार को कहा कि देश के कई हिस्सों में खरीफ की फसल धान की कटाई हो रही है लेकिन ज्यादातर राज्यों में लगातार हो रही बारिश फसल के लिए अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वी राज्यों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश जैसे कुछ दक्षिणी राज्यों में देर से बुवाई वाली और लंबी अवधि (155-156 दिन) की धान की किस्मों के लिए यह बारिश अच्छी है। मौसम विभाग ने अक्टूबर माह में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान लगाया है।

सिंह ने कहा कि वर्तमान में देर से बोई जाने वाली धान की कई किस्में अनाज आने की अवस्था में हैं। इस समय बारिश के बाद हवा चलने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में जल्दी बुवाई किस्मों का रकबा लगभग 10-15 प्रतिशत है। राज्य में कई शुरुआती किस्मों जैसे पीआर126 और बासमती चावल की किस्मों- 1509 और 1692 की कटाई की जाती है। वहीं कुछ फसलें पहले ही कट चुकी हैं और कुछ खेतों या मंडियों में पड़ी है।

हालांकि इस समय पर्याप्त अध्ययन के बिना नुकसान का पता लगाना मुश्किल है। आईएआरआई के निदेशक के अनुसार, हालांकि ये बारिश पूर्वी भारत के लिए अच्छा संकेत है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में जहां धान की देर से बुवाई होती है। इन किस्मों की खेती लगभग 30-40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है।

प्रमुख खबरें

Rahul Gandhi ने Devendra Fadnavis को लिखा पत्र, आदिवासी छात्रों की मांग उठाई

Karnataka में IPC करेगी ₹83,480 करोड़ का निवेश, बनेगा Data Centre

Bajaj Auto अगले 45 दिनों में उतारेगी 3 नए उत्पाद, 2 नए ब्रांड भी करेगी पेश

Jyotiraditya Scindia ने पेश किया Dak Seva App, घर बैठे मिलेंगी डाक विभाग की सुविधाएं