By अंकित सिंह | Jun 18, 2025
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य के स्कूलों में कक्षा 1 से हिंदी को अनिवार्य भाषा के रूप में लागू करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ठाकरे ने चेतावनी दी कि यह कदम मराठी भाषा और पहचान पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की शिक्षा प्रणाली में हिंदी को लागू करने के पीछे उत्तर भारतीय आईएएस अधिकारियों की एक लॉबी है।
ठाकरे ने सवाल किया, हिंदी के विकल्प की आवश्यकता क्यों है? स्कूल में उच्च कक्षाओं से ही हिंदी हमेशा एक वैकल्पिक रही है। जो लोग इस को सीखना चाहते हैं, वे हमेशा ऐसा करते हैं। इसे छोटे बच्चों पर क्यों थोपा जाए? मनसे नेता ने कहा, मैं इसके पीछे की राजनीति को नहीं समझ पा रहा हूं। उन्होंने सवाल किया कि क्या महाराष्ट्र की आईएएस लॉबी ऐसा कर रही है ताकि उन्हें मराठी जानने की जरूरत न पड़े। ठाकरे ने कहा कि उन्हें संदेह था कि सरकार यू-टर्न ले सकती है, क्योंकि हिंदी को अनिवार्य नहीं करने का निर्णय लेने के बाद उसने पहले कोई जीआर जारी नहीं किया था। उन्होंने कहा, हिंदी पाठ्य पुस्तकों की छपाई जारी है।