ब्याज पर ब्याज से दी गई छूट की भरपाई के लिये आईबीए ने सरकार का दरवाजा खटखटाया

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 23, 2021

नयी दिल्ली।  बैंकों की ओर से भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय के निर्णय के मुताबिक लॉकडाउन अवधि के दौरान कर्ज पर ब्याज के ऊपर ब्याज को लेकर दी गई छूट की भरपाई के लिये वित्त मंत्रालय का दरवाजा खटखटाया है। पिछले साल मार्च से अगस्त की अवधि के दौरान सरकार ने कर्जदाताओं को कर्ज की किस्त का भुगतान करने से छूट दी थी। उच्चतम न्यायालय ने इस अवधि के दौरान बैंकों को कर्जदारों से ब्याज पर ब्याज की वसूली नहीं करने का आदेश दिया। इससे बैंकों पर जो बोझ पड़ा है उसकी भरपाई के लिये आईबीए ने अब वित्त मंत्रालय से भरपाई करने को कहा है। उच्चतम न्यायालय के मार्च के निर्णय में बैंकों को निर्देश दिया गया कि दो करोड़ रुपये से अधिक के किस्त भुगतान से रोक का लाभ उठाने वाले कर्ज खातों में चक्रवृद्धि ब्याज से छूट दी जानी चाहिये। इससे कम राशि के कर्ज खातों को पिछले साल नवंबर में ही ब्याज पर ब्याज से छूट दी जा चुकी है। 

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वर्ष 2020- 21 में कर्ज भुगतान पर रोक के दौरान ब्याज पर ब्याज छूट समर्थन योजना से सरकारी खजाने पर 5,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है।यह योजना उन कर्जदारों पर भी लागू होती है जिन्होंने किस्त भुगतान पर रोक का लाभ नहीं उठाया। विभिन्न बैंक इस आर्डर को पूरा करने के लिये विभिन्न स्तरों पर काम में लगे हुये हैं। पंजाब एण्ड सिंध बैंक के प्रबंध निदेशक एस कृष्णन ने कहा कि ब्याज पर ब्याज से छूट के कारण बैंक पर करीब 30 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस छूट की भरपाई के मुद्दे को सरकार के समक्ष आईबीए द्वारा उठाया जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने उनके आग्रह पर क्या कोई प्रतिक्रिया दी है, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘अब तक इस बारे में कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं सुनाई दी है।’’ सूत्रों का कहना है कि उच्चतम न्यायालय का निर्णय इस बार केवल उन्हें कर्जदारों तक सीमित है जिन्होंने किस्त भुगतान से छूट का लाभ उठाया है। 

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