By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 17, 2026
भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) बदलते प्रौद्योगिकी और पेशेवर परिवेश के अनुरूप अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) पाठ्यक्रम में कृत्रिम मेधा (एआई), डेटा विश्लेषण तथा अन्य उभरते विषयों को शामिल करेगा। देश में लाखों विद्यार्थी आईसीएआई के सीए कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं और संस्थान के पांच लाख से अधिक सदस्य हैं। आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी. नेपीटीआई-के साथ साक्षात्कार में कहा कि प्रौद्योगिकी अब पेशे का अहम हिस्सा बन चुकी है, इसलिए एआई और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में समाहित करना जरूरी हो गया है।
वर्तमान में सीए पाठ्यक्रम में एआई, डेटा विश्लेषण, पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासन (ईएसजी) तथा सतत विकास जैसे विषय शामिल नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में लेखा पेशे में गैर-वित्तीय रिपोर्टिंग, ईएसजी खुलासे, एआई, डेटा विश्लेषण और फॉरेंसिक ऑडिट का महत्व तेजी से बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईसीएआई पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी कर रहा है। आईसीएआई ने 2023 में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की नई योजना शुरू की थी। प्रस्तावित बदलावों को 2028 से लागू किए जाने की संभावना है।