By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 26, 2020
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एक अन्य आइसक्रीम निर्माता के अनुसार सबसे बड़ा संकट यह है कि आइसक्रीम निर्माताओं ने आने वाले सीजन की तैयारी के तौर पर कच्चा माल पहले ही जमा कर लिया था, जैसा वह हर साल करते हैं। फिर अचानक सब कुछ बंद हो गया। मार्च का तीसरा हफ्ता होने के कारण कुछ माल बन भी गया था, जो अब कोल्डस्टोरेज में रखा है, जिसका बिजली रखरखाव आदि का खर्च अलग से आ रहा है। उन्होंने बताया कि आइसक्रीम उद्योग में कच्चे माल के तौर पर मिल्क पाउडर, दूध,चीनी, काजू, पिस्ता, किशमिश आदि का इस्तेमाल होता है। चीनी और मिल्क पाउडर की खपत भी टनों में होती है गुप्ता ने कहा कि देश में आइसक्रीम उद्योग का सालाना कारोबार 16,000 करोड़ रुपये से अधिक का है जिसमें इस लॉकडाउन के कारण सालाना आधार पर 50 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।जानकारों के अनुसार इस बंद के कारण वे लोग भी संकट में हैं जो गली मोहल्लों में या थड़ियों पर मटका कुल्फी या चुस्की गोला जैसी चीजें बेचते हैं। राज्य के आइसक्रीम निर्माता अब इसी उम्मीद पर हैं कि लॉकडाउन में ढील के बीच राज्य सरकार उन्हें भी अपने उत्पाद बेचने और भेजने की अनुमति देगी ताकि उनका संकट थोड़ा कम हो सके।