By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 14, 2026
कनाडा की फेयरफैक्स को आईडीबीआई बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी की बिक्री पिछले 10 साल में सार्वजनिक क्षेत्र के किसी उपक्रम में मोदी सरकार का 13वां रणनीतिक विनिवेश होगा। फेयरफैक्स को यह बिक्री सरकार की अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री होगी। यह 2021 में टाटा समूह को एयर इंडिया की 18,000 करोड़ रुपये में हुई बिक्री से भी बड़ी होगी।
इस बिक्री से प्राप्त राशि सरकारी खजाने में नहीं आई। 4. वित्त वर्ष 2022-23: नीलाचल इस्पात निगम लि. (एनआईएनएल) को टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स लि. को 12,100 करोड़ रुपये में बेचा गया। एनआईएनएल केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों का संयुक्त उद्यम था।
इस बिक्री से प्राप्त राशि सरकारी खजाने में नहीं आई। 5. वित्त वर्ष 2021-22: एयर इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों एआईएक्सएल तथा एआईएसएटीएस को टैलेस प्राइवेट लि. को 18,000 करोड़ रुपये में बेचा गया। टाटा समूह की कंपनी ने 2,700 करोड़ रुपये नकद दिए और विमानन कंपनी का 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज अपने ऊपर लिया।
6. वित्त वर्ष 2019-20: टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि. (टीएचडीसी) को एनटीपीसी को 7,500 करोड़ रुपये में बेचा गया। 7. वित्त वर्ष 2019-20: नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लि. (नीपको) को एनटीपीसी को 4,000 करोड़ रुपये में बेचा गया। 8. वित्त वर्ष 2019-20: कामराजार पोर्ट लि. को चेन्नई पोर्ट ट्रस्ट को 2,383 करोड़ रुपये में बेचा गया।
9. वित्त वर्ष 2018-19: पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने आरईसी लि. में 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी 14,500 करोड़ रुपये में खरीदी। 10. वित्त वर्ष 2018-19: एचएससीसी (इंडिया) लिमिटेड को एनबीसीसी को 285 करोड़ रुपये में बेचा गया। 11. वित्त वर्ष 2018-19: नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लि. (एनपीसीसी) को वैपकॉस को 80 करोड़ रुपये में बेचा गया।
12. वित्त वर्ष 2018-19: ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि. (डीसीआईएल) को बंदरगाहों के एक समूह को 1,049 करोड़ रुपये में बेचा गया। 13. वित्त वर्ष 2017-18: ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) में 51.11 प्रतिशत हिस्सेदारी का 36,915 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया।