IEA Report: हरित ऊर्जा विस्तार से भारत ने ईंधन आयात पर 100 अरब डॉलर बचाए

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026

नयी दिल्ली, तीन नवंबर देश में नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से विस्तार से पिछले 15 साल में कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर 100 अरब डॉलर से अधिक की बचत हुई है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा बाजार में भारत की भूमिका भी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार से आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर भी ठोस लाभ मिले हैं। 2011 से 2025 के बीच नवीकरणीय बिजली उत्पादन के कारण भारत को कोयले और प्राकृतिक गैस के आयात पर 100 अरब डॉलर से अधिक की बचत हुई। वर्ष 2030 तक कुल बचत दोगुने से अधिक होने का अनुमान है।

आईईए के अनुमान के मुताबिक, कोयले के आयात पर इसका प्रभाव विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है। यदि 2010 के बाद सौर पीवी, पवन और जैव ऊर्जा की अतिरिक्त क्षमता नहीं जोड़ी गई होती, तो 2025 में भारत का कोयला आयात करीब 11 करोड़ टन अधिक होता। एजेंसी का अनुमान है कि 2030 तक भारत की नवीकरणीय बिजली उत्पादन क्षमता करीब 530 गीगावाट पहुंच जाएगी।

इसमें 80 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि सौर पीवी से होने की उम्मीद है। इससे गैर-जीवाश्म स्रोतों पर आधारित बिजली क्षमता और मजबूत होगी। हालांकि, दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश करना होगा।

आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार उसकी ऊर्जा सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘जब देश घरेलू ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में भारत का अनुभव दिखाता है कि निरंतर नीतिगत प्रयासों से नवीकरणीय ऊर्जा की लागत घटाने और निवेश आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। यह अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी उपयोगी सबक है।

हम इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाने में भारत का सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। ’’ केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि देश की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हाल के वर्षों में हुई प्रगति को बताती है। हालांकि, बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए घरेलू विनिर्माण, निवेश और पारेषण बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत होगी।

जोशी ने कहा, ‘‘भारत का नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरना हाल के वर्षों में हमारी प्रगति को बताता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत की बिजली संबंधी जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में हम घरेलू विनिर्माण को मजबूत करके, निवेश जुटाकर और पारेषण बुनियादी ढांचे का विस्तार कर विकास के अगले चरण की नींव रख रहे हैं।’’ जोशी ने कहा, ‘‘सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य के साझा लक्ष्य को हासिल करने में भारत के साथ आईईए के निरंतर सहयोग की हम सराहना करते हैं।’’ रिपोर्ट के अनुसार, आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के अलावा भारत में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के अवसर भी पैदा कर रहा है। इसमें खासतौर पर सौर पीवी क्षेत्र शामिल है।

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