IDBI Bank के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल खत्म

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026

नयी दिल्ली, तीन नवंबर आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचे जाने के खिलाफ बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त मंच की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। सरकार ने आईडीबीआइ बैंक में बहुलांश हिस्सेदारी कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स को बेचने का निर्णय किया है। बैंक कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं।

इसमें देशव्यापी हड़ताल का आह्वान करने का अनुरोध भी शामिल है। तुलजापुरकर ने कहा, हमें इस बात को लेकर गंभीर चिंता है कि इस सौदे में आईडीबीआई की संपत्ति, संस्थागत क्षमताओं, ग्राहक संबंधों, भविष्य की कमाई और रणनीतिक महत्व का कम मूल्यांकन किया जा सकता है।’’ कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने भी आईडीबीआई बैंक के मूल्यांकन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि आईडीबीआई बैंक का विनिवेश एक घोटाला है।

उसने बैंक की विदेशी कंपनी को बिक्री रोकने और पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग की है। कांग्रेस महासचिव (मीडिया प्रभारी) जयराम रमेश ने दावा किया कि एक विदेशी कंपनी बैंक के ही पैसे का उपयोग करके सरकार से आईडीबीआई बैंक का अधिग्रहण कर रही है। रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘‘यह नरेन्द्र मोदी सरकार का एक और बड़ा घोटाला है, जिसकी जांच होनी चाहिए।

हमारी मांग है कि आईडीबीआई बैंक को विदेशी कंपनी को बेचने की प्रक्रिया रोकी जाए।’’ तुलजापुरकर ने कहा कि सरकार को मूल्यांकन की पद्धति, इसके आधारभूत अनुमानों, अचल संपत्ति और अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यांकन के तरीके तथा बिक्री की कीमत स्वीकार करने के आधार का खुलासा करना चाहिए। जनता को इस बात का प्रमाण मिलना चाहिए कि किसी राष्ट्रीय संपत्ति को बेहद कम कीमत पर नहीं बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खरीदार के स्वामित्व ढांचे, वित्तीय स्थिति, नियामकीय रिकॉर्ड और उसके देश में सामने आए किसी भी प्रमाणित विवाद की भी पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए।

आईडीबीआई बैंक में कुल 19,108 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के 9,500 कर्मचारी शामिल हैं। केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास आईडीबीआई बैंक की क्रमशः 45.48 प्रतिशत और 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

सरकार ने 14 अक्टूबर को आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को करीब 53,000 करोड़ रुपये (5.5 अरब डॉलर) में बेचने की मंजूरी दी थी। फेयरफैक्स सरकार की 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी, जिसका मूल्य क्रमश: करीब 26,620 करोड़ रुपये और 26,440 करोड़ रुपये है। कनाडा के उद्योगपति प्रेम वत्स की अगुवाई वाली फेयरफैक्स प्रति शेयर 81 रुपये का भुगतान करेगी।

यह दो स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों द्वारा तय 75.99 रुपये के मानक उचित मूल्य से अधिक है। आईडीबीआई बैंक के इस रणनीतिक सौदे के चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, यह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामकीय मंजूरी पर निर्भर है।

प्रमुख खबरें

Haryana में Travel Agents के लिए नए नियम मंजूर, पंजीकरण अनिवार्य

IPL 2027 से पहले Hardik Pandya छोड़ सकते हैं Mumbai Indians, चर्चा अंतिम दौर में

झारखंड के कृषि सचिव ने BAU वैज्ञानिकों से कम लागत वाली तकनीक बनाने को कहा

Meghalaya में Conrad Sangma सरकार से UDP ने तोड़ा नाता