By अजय कुमार | Jul 07, 2022
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और मोदी-योेगी सरकार पर हमेशा हमलावर रहते हैं। वह भाजपा और उनकी सरकारों को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते हैं, हर समय आईना दिखाने का काम करते रहते हैं, ऐसे करते समय वह कई बार शब्दों की लक्ष्मण रेखा भी पार कर जाते हैं। इसका नजारा हाल ही में विधानसभा में तब देखने को मिला था, जब उन्होंने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। योगी और मोदी को लेकर भी वह अनाप-शनाप बोलते रहते हैं। जब सपा प्रमुख ही शब्दों की मर्यादा का ध्यान नहीं रखते हैं तो उनकी अन्य पार्टी के नेताओं से किसी मर्यादा की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। यह बार-बार देखा जा चुका है। आजम खान से लेकर मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन,संभल के सांसद बर्क के आगे भी सपा के विवादित नेताओं की काफी लम्बी लिस्ट है।
बता दें कि सपा सांसद शफीकुर्र रहमान बर्क हमेशा अपने विवादित बयानों के कारण से चर्चा में रहते हैं। हाल ही में वे देवी-देवताओं के चित्र छपे कागज में नॉनवेज देने के आरोप में गिरफ्तार होटल संचालक के समर्थन में उतरे थे। उन्होंने अटपटा बयान देते हुए कहा था कि होटल संचालक ने हिंदुओं की भावनाएं आहत नहीं की हैं, बल्कि भावनाएं तो हमारी आहत हुई हैं। इसके बाद भी हम खामोश हैं क्योंकि हम जानते है कि अब अल्लाह ही हमें सिला देगा। मौजूदा गवर्मेंट हमारी कौम को कोई सिला नहीं देगी। इससे पहले उन्होंने नूपुर शर्मा के विवादित बयान मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि सरकार पैगंबर साहब पर टिप्पणी के मामले में भी नूपुर शर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। सरकार को चाहिए कि अगर हम लोग गलत हैं तो हमारे खिलाफ कार्रवाई की जाए। अगर नूपुर शर्मा गलत हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।