By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 02, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को चाय बागान मालिकों को चेतावनी दी कि अगर वे अपने मजदूरों को जमीन का अधिकार देने से इनकार करते हैं, तो सरकार उनकी मिलने वाली सहायता वापस ले सकती है।
उन्होंने बताया कि सरकार हर साल बागानों को करीब 150 करोड़ रुपये देती है और अगर मालिक अदालत जाने या रास्ते में अड़चन डालने की कोशिश करेंगे तो सरकार इस पर फिर से विचार करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “चाय उद्योग के 200 साल बाद अब मजदूरों का अधिकार है कि उन्हें अपनी जमीन का पूरा मालिकाना हक मिले।” उन्होंने दावा किया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और मजदूरों को उनका हक मिलेगा।
शर्मा ने कहा कि ‘असम फिक्सेशन ऑफ सीलिंग ऑफ लैंड होल्डिंग्स (संशोधन) कानून, 2025’ का उद्देश्य अन्याय को सुधारना है। यह कानून उन मजदूरों को जमीन का अधिकार देने के लिए बनाया गया है, जो पिछले 200 सालों से चाय बागानों में काम कर रहे हैं। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस फैसले पर संदेह जताया और सवाल उठाया कि चुनाव से सिर्फ चार महीने पहले यह कानून क्यों लाया गया।