Kolkata की सड़कों पर Mamata Banerjee, गैस संकट और महंगाई पर केंद्र के खिलाफ हल्ला बोल

By Ankit Jaiswal | Mar 12, 2026

पश्चिम बंगाल में रसोई गैस और वाहन गैस की कमी को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है और इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार यह मार्च सोमवार को कोलकाता के कॉलेज स्क्वायर से शुरू होकर एस्प्लानेड के डोरिना क्रॉसिंग तक निकाला जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल होंगे।

बता दें कि इस मार्च का उद्देश्य रसोई गैस और वाहन गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ विरोध दर्ज कराना बताया जा रहा है। पार्टी की ओर से जारी पोस्टर में कहा गया है कि आम लोगों को गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और आपूर्ति से जुड़े फैसलों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। राज्य सरकार के अनुसार कुछ ही दिनों में सिलेंडर बुकिंग की संख्या दो लाख से बढ़कर करीब छह लाख तक पहुंच गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

इस मुद्दे पर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना भी की है। राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका पहले से थी, लेकिन इसके बावजूद केंद्र ने पर्याप्त तैयारी नहीं की।

उन्होंने कहा कि होरमुज जलडमरूमध्य से होकर भारत के रसोई गैस आयात का बड़ा हिस्सा गुजरता है और यह जानकारी पहले से सार्वजनिक थी। इसके बावजूद वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था या रणनीतिक भंडार बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हाल ही में राज्य के अधिकारियों और तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक की थी। इस बैठक में राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई निर्देश दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य की रिफाइनरियों में तैयार होने वाली गैस की आपूर्ति फिलहाल राज्य के बाहर भेजने से रोकी जाए, ताकि स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों, अस्पतालों और घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।

हालांकि इस मुद्दे पर विपक्ष ने राज्य सरकार पर ही सवाल उठाए हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल कृत्रिम संकट पैदा कर रहा है और गैस वितरण व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा है।

इसके जवाब में राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनता को देने के लिए कोई ठोस जवाब नहीं है और इसलिए वह बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।

बता दें कि गैस संकट के कारण कई जगहों पर लंबी कतारें भी देखने को मिली हैं। वाहन गैस भरवाने के लिए कई ऑटो चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों ने बाजार में महंगे दाम पर सिलेंडर बिकने की शिकायत भी की है।

मौजूद जानकारी के अनुसार कुछ इलाकों में सिलेंडर की कालाबाजारी की खबरें भी सामने आई हैं, जहां एक सिलेंडर की कीमत करीब ढाई हजार रुपये तक वसूली जा रही है।

वहीं कई सरकारी अस्पतालों को मरीजों के भोजन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए निजी सिलेंडरों का सहारा लेना पड़ा है। कुछ अस्पतालों में गैस की कमी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं यदि लंबे समय तक बनी रहती हैं तो इसका असर आम लोगों के दैनिक जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।

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