By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अगस्त में मुनिरका में अपने किराए के मकान में बेहोश व घायल अवस्था में मिले आईआईटी-दिल्ली के 40 वर्षीय पीएचडी छात्र की मौत के मामले में रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत किशनगढ़ थाने में यह प्राथमिकी दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि पुलिस उसे तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले गई। पुलिस ने बताया कि तीन अक्टूबर को अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह घटना आईआईटी-दिल्ली परिसर के अंदर नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई के दौरान परिवार के किसी सदस्य या गवाह ने किसी व्यक्ति पर कोई संदेह या आरोप नहीं लगाया। पुलिस के अनुसार, घटना के समय पीएचडी छात्र घर में अकेला था और परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग से भी इस बात की पुष्टि हुई है। अधिकारी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है और कानून के अनुसार विस्तृत कार्रवाई की जाएगी।