बिना क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले छात्रों को तुरंत रिहा करो, SC ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर लगाई रोक, दिल्ली-बिहार समेत 7 राज्यों को नोटिस

By अभिनय आकाश | Jul 28, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि NEET पेपर लीक के आरोपों को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हुए देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए या गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को तुरंत रिहा किया जाए, बशर्ते उनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड न हो। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामला नहीं था, लेकिन जिन्हें केवल विरोध-प्रदर्शनों के सिलसिले में आरोपी बनाया गया था, उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

याचिकाओं में पेलेट गन के इस्तेमाल का आरोप

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि छात्र कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग किया। याचिकाओं के अनुसार, बल प्रयोग में लाठीचार्ज, पेलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल शामिल था। याचिकाओं में नेशनल कैपिटल टेरिटरी (NCT) की कई ऐसी घटनाओं का भी ज़िक्र किया गया, जिनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग का आरोप लगाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के सामने गंभीर आरोप रखे गए

सुप्रीम कोर्ट ने नोट किया कि याचिकाओं में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बल प्रयोग की कई घटनाओं का ज़िक्र किया गया था। कोर्ट के सामने रखे गए आरोपों में ये शामिल थे:

कथित तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई युवा छात्र घायल हो गए। खबर है कि एक छात्र की एक आंख की रोशनी चली गई।

कथित तौर पर रबर की गोलियों से कई प्रदर्शनकारी घायल हुए।

खबर है कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया।

कथित तौर पर कील लगी लाठियों का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण कुछ मामलों में स्थायी विकलांगता और जानलेवा चोटें आईं।

विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान कथित तौर पर एक मीडियाकर्मी पर हमला किया गया और उसे गंभीर चोटें आईं।

खास बात यह है कि कोर्ट ने इन आरोपों की सच्चाई पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है; ये मामले अभी भी न्यायिक विचार-विमर्श के दायरे में हैं।

सात राज्यों को नोटिस जारी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और केरल की सरकारों को नोटिस जारी करके NEET विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित हिंसा के मामले में उनसे जवाब मांगा है। राज्यों से कहा गया है कि वे याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब दें।

इसे भी पढ़ें: पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए पूर्व आईपीएस और दो घायल पहुंचे उच्चतम न्यायाल

SC ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया

यह पक्का करने के लिए कि अहम सबूत खो न जाएं, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को NEET विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया। उम्मीद है कि यह निर्देश याचिकाकर्ताओं के आरोपों और संबंधित राज्य सरकारों के जवाबों की कोर्ट द्वारा जांच में अहम भूमिका निभाएगा। 

प्रमुख खबरें

DUSU Election में फर्जी वोटिंग का आरोप, NSUI प्रत्याशी कोर्ट का रुख करेंगे

Stubble Burning पर Bhagwant Mann बोले किसानों पर FIR नहीं, मिले नकद प्रोत्साहन

BSEB 29 जिलों में ₹330.07 करोड़ की लागत से बनाएगा हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह

20 September History: 1857 में अंतिम मुगल बादशाह Bahadur Shah Zafar ने किया था आत्मसमर्पण