By अंकित सिंह | Mar 11, 2025
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को आव्रजन और विदेशी विधेयक, 2025 पेश किया। विधेयक में भारत के आव्रजन कानूनों में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव है। नया विधेयक पारित होने के बाद, यह औपनिवेशिक युग के कानूनों की जगह लेगा, जिसमें विदेशी अधिनियम, 1946, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, विदेशियों का पंजीकरण अधिनियम, 1939 और आव्रजन (वाहक दायित्व) अधिनियम, 2000 शामिल हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाना, आव्रजन प्रक्रियाओं को नियंत्रित करना और प्रवेश और ठहरने की शर्तों का उल्लंघन करने वाले विदेशियों पर सख्त दंड लागू करना है।
बिल में कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता या राष्ट्र की अखंडता के लिए खतरा पैदा करने वाले किसी भी विदेशी को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी या उसे भारत में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, इसका उद्देश्य आगमन पर विदेशियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य करना, उनकी आवाजाही, नाम परिवर्तन और संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश को प्रतिबंधित करना है। शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और नर्सिंग होम को विदेशी नागरिकों की सूचना आव्रजन अधिकारियों को देनी होगी।
बिल के अनुसार, उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगेगा। वैध पासपोर्ट या वीजा के बिना भारत आने पर पांच साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करने वाले विदेशियों को दो से सात साल की जेल हो सकती है, जिसमें 1 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, निर्धारित समय से अधिक समय तक रहना, वीजा शर्तों का उल्लंघन करना या प्रतिबंधित क्षेत्रों में अवैध प्रवेश करने पर तीन साल की कैद और 3 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।