बीजिंग से दिल्ली के लिए अहम संदेश, BRICS में क्या दिखेगा बड़ा बदलाव!

By अभिनय आकाश | Mar 08, 2026

मिडिल ईस्ट में जारी घमासान के बीच जहां तनाव लगातार बढ़ रहा है और युद्ध जैसी स्थिति और भी भयानक मोड़ लेते दिख रही है। इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको चौंका दिया है। दरअसल एक नया कूटनीतिक मोड़ देखने को मिला है चीन जहां भारत की तारीफ करते हुए नजर आ रहा है।  सबसे खास बात यह है कि चीन ने इस बार सीधे-सीधे भारत को दोस्ती का संदेश दिया है। दरअसल, बीजिंग में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने इस बयान में कहा कि चीन और इंडिया को एक दूसरे को दुश्मन या प्रतिद्वंदी की तरह नहीं देखना चाहिए। बल्कि साझेदार और अवसर के रूप में देखना चाहिए। वांग यी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी एशिया यानी मिडिल ईस्ट में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और वैश्विक राजनीति काफी तेजी से बदल रही है और ऐसे माहौल में चीन का भारत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाना कई मायनों में अहम माना जा रहा है। 

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भारत और चीन के संबंध धीरे-धीरे सामान्य होते दिख रहे हैं और अब दोनों देश सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति सी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात को भी वांगी ने याद किया और दोनों देशों के बेहतर होते रिश्तों में उस मुलाकात की भूमिका को बेहद अहम बताया है कि कैसे इस मुलाकात के बाद अलग-अलग स्तर पर संवाद बढ़ा है और दोनों देशों के बीच व्यापार भी रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंच चुका है। चीनी विदेश मंत्री ने भारत चीन रिश्तों को मजबूत करने के लिए चार अहम बिंदुओं पर बात की। पहला दोनों देशों को एक दूसरे को प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए। सीमा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। तीसरा विकास को साझा आधार बनाकर व्यवहारिक सहयोग बढ़ाना और चौथा दोनों देशों को वैश्विक मंच पर मिलकर काम करना चाहिए। आपको बता दें चीन का यह बयान बेहद चौंकाने वाला है।

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 इन सबके साथ वांगी ने खासतौर पर ब्रिक्स का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि इस साल भारत और अगले साल चीन इस संगठन की अध्यक्षता करेगा। ऐसे में दोनों देशों को एक दूसरे का समर्थन करना चाहिए ताकि ग्लोबल साउथ के देशों को नई उम्मीद मिल सके। मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ता दिख रहा है। अमेरिका और चीन के बीच भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा साफ है और बदलती ही वैश्विक राजनीति के बीच अब अपने पड़ोसियों की तरफ चीन बेहतर संबंध बनाने की कोशिश कर रहा है। जिसमें भारत के साथ रिश्तों को बेहतर करना चीन का पहला लक्ष्य है।

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