पीएम मोदी की ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन से फोन पर बातचीत, 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में आवाजाही की स्वतंत्रता पर दिया जोर

By रेनू तिवारी | Jul 01, 2026

पश्चिम एशिया में चल रहे कूटनीतिक बदलावों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर उच्च स्तरीय बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र में हाल ही में हुए घटनाक्रमों, शांति प्रयासों और आगे की राह को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, पीएम मोदी ने ईरान और अमेरिका के बीच बनी हालिया सहमति का स्वागत किया। साथ ही, भारत के इस पारंपरिक रुख को फिर दोहराया कि किसी भी विवाद या मुद्दे का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) के जरिये ही निकाला जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा नौवहन एवं व्यापार की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लगातार प्रयास करने की आवश्यकता को दोहराया। बयान के अनुसार, फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान ईरान के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रम और आगे की राह के बारे में जानकारी दी। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं के बारे में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात हुई। बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि लगातार कोशिशों से इस इलाके में स्थायी शांति आएगी। भारत और दुनिया के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की स्वतंत्रता के महत्व को फिर से दोहराया।’’

इसे भी पढ़ें: राजस्थान में भीषण सड़क हादसा! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस और ट्रक की टक्कर के बाद लगी आग, 7 की मौत, 15 घायल

इससे पहले, पेज़ेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। खामेनेई का अंतिम संस्कार समारोह अगले सप्ताह आयोजित होने वाला है। खबरों के मुताबिक, सरकार भारत के प्रतिनिधि के तौर पर बिहार के राज्यपाल अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा को भेजने की योजना बना रही है। अंतिम संस्कार की रस्में पांच से नौ जुलाई तक होंगी।

अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा एवं अन्य विवादास्पद मुद्दों पर वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ‘इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन’ (एमओयू) पर 18 जून को हस्ताक्षर किए थे। इस शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान और कतर सहित कई मध्यस्थों ने अहम भूमिका निभाई। इन देशों ने पहले आठ अप्रैल को दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति कराई थी, जिसे बाद में वार्ता पूरी होने तक बढ़ा दिया गया।

इसे भी पढ़ें: राहत की खबर! Nayara Energy ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता किया, सरकारी कंपनियों के दाम स्थिर

शांति समझौते के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया गया। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को संयुक्त हमले किए जाने के बाद, ईरान की जवाबी कार्रवाई के चलते इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो गई थी। इसके कारण कई देशों में ऊर्जा संकट पैदा हो गया था।

Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi  

प्रमुख खबरें

KL Rahul Injury: गॉल टेस्ट में क्रैम्प्स से हुए रिटायर हर्ट, टीम इंडिया की चिंता बढ़ी

Priyank Kharge ने RSS को ललकारा: Freedom Struggle के 50 Martyrs के नाम बताओ, हम 500 की लिस्ट देंगे!

Raksha Bandhan Skin Care: महंगे Facial को छोड़ें, नानी मां के Desi Ubtan से मिलेगा बेदाग फेस्टिव निखार

Kanpur में TTFI निलंबन के बाद भी शुरू होगी राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस प्रतियोगिता