By सुयश भट्ट | Jan 29, 2022
भोपाल। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के हाईप्रोफाइल भय्यू महाराज सुसाइड केस में आखिरकार तीन साल बाद कोर्ट का फैसला आ गया। इंदौर जिला कोर्ट ने भय्यू महाराज की शिष्या पलक, मुख्य सेवादार विनायक और ड्राइवर शरद को दोषी ठहराया है। तीनों को 6-6 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
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दरअसल यह मामला 12 जून 2018 का है। भय्यू महाराज ने सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने आवास पर अपने सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और आत्महत्या के लिए उकसाने के लिए भय्यू महाराज के सेवादार विनायक, केयरटेकर पलक और ड्राइवर शरद को गिरफ्तार किया था।
कोर्ट में भय्यू महाराज की दूसरी पत्नी डॉक्टर आयुषी उनकी बेटी कुहू और बहनों के भी बयान हुए थे। डॉक्टर आयुषी ने सेवादार विनायक, पलक और ड्राइवर पर महाराज को ब्लैकमेल कर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
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कोर्ट में आरोपी पक्ष के वकील की ओर से सबूतों के साथ बताया गया कि भय्यू महाराज की दूसरी पत्नी डॉक्टर आयुषी और उनकी बेटी कुहू के घरेलू क्लेश के चलते महाराज ने आत्महत्या की लेकिन कोर्ट ने इन सभी तथ्यों को नकार दिया और अपना फैसला सुनाया।