निराशा के इस दौर में आशाओं से भरे हैं खेत, बंपर फसल की उम्मीद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 03, 2020

श्रीगंगानगर (राजस्थान)।  राजस्थान का धान कटोरा कहे जाने वाले श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों के खेतों में इन दिनों गेहूं, सरसों, चना और जौ की फसलें लहलहा रही हैं। इलाके में इस बार रबी (हाड़ी) में कुल मिलाकर 40 लाख मीट्रिक टन से अधिक की पैदावार की उम्मीद है। यह रिकार्ड तोड़ आंकड़ा है जिसे कोरोना वायरस और लॉकडाउन के हालात से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। कृषि विभाग के अग्रिम अनुमानों के अनुसार इन दोनों जिलों में इस बार कुल मिलाकर 39.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं, सरसों, जौ, चने व तारामीरा का उत्पादन होगा। पिछले साल रबी में आंकड़ा 36.18 लाख मीट्रिक टन का था। इलाके में हाड़ी का यह अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन होगा जहां सरसों और चने के बाद गेहूं की कटाई का काम जोर शोर से चल रहा है। 

इसे भी पढ़ें: भारत का इतिहास भाईचारे का, इस अमेरिकी के नाम से जन्मा है 'मॉब लिंचिंग'

इसे भी पढ़ें: देशव्यापी लॉकडाउन के बीच PM मोदी ने कृषि क्षेत्र में सुधार पर चर्चा की

वहीं हनुमानगढ़ जिले की बात की जाए तो रबी 2019 . 20 में 12,03,936 टन गेहूं,2,51,480 टन सरसों, 2,26,104 टन चना और 69,966 टन जौ होना अनुमानित है जो पिछले साल रबी में क्रमश: 11,76,571 टन, 2,47,846 टन, 1,63,026 टन और 35,687 टन रहा था। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह पूर्वानुमान चार पांच महीने पहले के बुवाई क्षेत्र पर आधारित हैं। वास्तविक उत्पादन इससे भी कहीं अधिक होगा। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले को राजस्थान का धान का कटोरा कहा जाता है। दोमट सहित कई प्रकार की उपजाउ मिट्टी से भरा इन जिलों का इलाका भाखड़ा, गंग और इंदिरा नहर के साथ साथ घग्गर नदी के पानी से भी सिंचित होता है। पहले सारा इलाका एक ही था 1994 में हनुमानगढ़ अलग जिला बना।

प्रमुख खबरें

ICC T20 World Cup: Shafali Verma का बड़ा बयान, ऑस्ट्रेलिया को हराने का भरोसा, Semifinal पर नजर

Rajnath Singh का बयान अफवाहों का था जवाब, Operation Sindoor पर भ्रम फैलाने वालों को MoD ने दिया करारा जवाब

China के 109 मंजिला बुर्ज खलीफा से टकराया विमान, उड़ गए परखच्चे, Video

TET पेपर लीक पर सियासी घमासान, राहुल गांधी बोले- हर युवा असुरक्षित, ये भविष्य की चोरी है