By Ankit Jaiswal | May 12, 2026
क्रिकेट की दुनिया में एक नई टी20 लीग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग के 2026 सत्र से पहले डबलिन फ्रेंचाइजी ने भारत के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को अपना मालिक घोषित किया है। खास बात यह है कि इस लीग से रविचंद्रन अश्विन भी जुड़ गए हैं, जो डबलिन टीम में कप्तान और मेंटर की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
डबलिन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग के सह-मालिक अभिषेक बच्चन ने कहा कि राहुल द्रविड़ जैसे व्यक्तित्व का लीग से जुड़ना इसकी विश्वसनीयता और भविष्य की सोच को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि लीग केवल बड़े नामों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को तैयार करने और जमीनी स्तर पर क्रिकेट को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की नीतियों के चलते सक्रिय भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों में हिस्सा नहीं ले सकते, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रविचंद्रन अश्विन के लिए यह रास्ता खुल गया। अश्विन को दुनिया के सबसे समझदार और रणनीतिक क्रिकेटरों में गिना जाता है। ऐसे में उनकी मौजूदगी लीग के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
राहुल द्रविड़ ने भी इस नई जिम्मेदारी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूरोप में क्रिकेट को आगे बढ़ाने और युवा खिलाड़ियों को अवसर देने का विजन उन्हें इस परियोजना की ओर आकर्षित करता है। द्रविड़ ने कहा कि डबलिन में क्रिकेट को लेकर अच्छा माहौल है और यहां भविष्य में खेल के विस्तार की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि यह लीग 26 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक खेली जाएगी, जिसमें कुल 33 मुकाबले होंगे। लीग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से निर्धारित समय-सीमा भी मिली है, जिससे बड़े खिलाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा इस लीग से स्टीव वॉ, जोंटी रोड्स, मिशेल मार्श, स्टीव स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल, फाफ डु प्लेसिस, हेनरिक क्लासेन, लियाम लिविंगस्टोन और टिम डेविड जैसे कई बड़े नाम भी जुड़े हुए हैं। कुछ खिलाड़ी निवेशक की भूमिका में हैं, जबकि कुछ मैदान पर खेलते नजर आ सकते हैं।
बता दें कि अभिषेक बच्चन इससे पहले कबड्डी लीग में भी सफल निवेश कर चुके हैं। अब उनकी कोशिश यूरोप में टी20 क्रिकेट को नई ऊंचाई तक पहुंचाने की है। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि अगर यह लीग सफल रहती है तो यूरोप आने वाले वर्षों में क्रिकेट का बड़ा बाजार बन सकता है।