मध्य प्रदेश में नामी व्यवसायियों पर आयकर का छापा, 500 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिलने की संभावना

By दिनेश शुक्ल | Aug 20, 2020

भोपाल। मध्य प्रदेश में गुरुवार को राजधानी भोपाल और इंदौर में आयकर विभाग ने कई बिल्डर और प्रमोटर पर छापा मारा। जिसमें भोपाल और इंदौर के प्रतिष्ठित फैथ बिल्डर और भोपाल में छोटे से चुड़ी व्यापारी से रातों रात अरबपति बने पीयूष गुप्ता की कंपनीयों पर यह कार्यवाही की गई। आयकर विभाग ने इन छापों से लगभग 500 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिलने की उम्मीद जताई है। फैथ बिल्डर के मालिक मध्य प्रदेश के एक आईपीएस अधिकारी के साले हैं। भोपाल के जो बिल्डर और व्यवसायी आयकर के निशाने पर हैं। उनमें गोल्डन रियल्टी के फारूख नसीमउद्दीन, शिव रियल्टी के महेन्द्र गोधा, आर्या इंटरप्राइजेस के विपिन जैन, व्हाईट रोज एण्ड कंपनी में पार्टनर प्रकाशचंद परियानी, राज रियल्टी के पूनम गुप्ता, समरीन खान, राहुल जौहरी और राजकुमार जौहरी भी आयकर के निशाने पर हैं। पिछले दिनों मुंबई में एक मॉडल के साथ बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार जौहरी का बेटा राहुल जौहरी का नाम भी शामिल हैं।

 

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बताया जा रहा है कि कोरोना काल में जबकि पूरे देश में आयकर विभाग ने छापे की कार्रवाई रोक रखी है तब भोपाल में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरुवार सुबह आयकर विभाग की एक दर्जन से अधिक टीमों ने भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की। सूत्रों के अनुसार इन बिल्डर के पास मध्य प्रदेश के कुछ अधिकारियों का पैसा लगे होने की सूचना है। फैथ बिल्डर ने भोपाल में लगभग 200 करोड़ रुपये की क्रिकेट एकेडमी बनाई है। इस एकेडमी का उद्घाटन पिछले दिनों जोर-शोर से कराया गया था। तभी से आयकर विभाग की नजर इस बिल्डर पर थी। वही कई कंपनीयों के मालिक पीयूष गुप्ता के बारे में बताया जाता है कि वे भोपाल में छोटे चूड़ी व्यवसायी थे। वर्तमान में उनकी और उनके परिवार की लगभग 18 कंपनियों में भागीदारी है। बताया जाता है कि आयकर विभाग को कुल 112 बेनामी संपत्तियों की सूची मिली है।

 

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सूत्रों की माने तो पिछले साल ईडी के डायरेक्टर को एक शिकायत हुई थी कि भोपाल के अधिकारियों का पैसा फैथ बिल्डर और पीयूष गुप्ता की कंपनियों में लगा है। जिसके बाद ईडी ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को पत्र लिखकर जांच कराई। बताया जाता है कि प्रत्यक्ष कर बोर्ड की गोपनीय जांच में पता चला था कि इन बिल्डरों के पास प्रदेश के रिटायर अधिकारियों का लगभग पांच सौ करोड़ रुपये लगा है। जिसे उन्होंने एकेडमी और कई प्रोजेक्ट में निवेश किया है। जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग को अभी तक 357 एकड़ जमीन, 22 रेसीडेंसियल प्लाट, 7 फ्लेट, 6 मकान, 4 डुप्लेक्स, 2 होटल/रिसोर्ट एवं 8 रेसीडेंसियल प्रोजेक्ट, 2 शापिंग मॉल, 4 दुकानें, 2 होटल्स आदि में निवेश के सबूत मिले है। हालंकि आयकर विभाग ने अभी इस संबंध में कोई खुलासा नहीं किया है।


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