By अंकित सिंह | Oct 26, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भाजपा पर अपना हमला और तेज कर दिया। उन्होंने देश भर के नागरिकों से एक भावपूर्ण सार्वजनिक अपील की और उनसे 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली में शामिल होने का आग्रह किया, जिसका आयोजन 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन द्वारा किया जा रहा है। X पर अपनी अपील पोस्ट करते हुए, खड़गे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा रही है, जबकि उन पर मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से रोकने और डिजिटल गड़बड़ियां करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
विपक्ष के गठबंधन ने बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के खिलाफ अपनी मांगों का चार्टर पेश किया है। खड़गे ने तीन मुख्य मांगें दोहराईं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें और 2023 का वह नियुक्ति कानून पूरी तरह रद्द किया जाए जो उन्हें कानूनी सुरक्षा देता है; SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सॉफ्टवेयर/प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए, मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम वापस जोड़े जाएं, और भविष्य के सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जगह पेपर बैलेट का इस्तेमाल किया जाए।
उन्होंने लिखा कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के खिलाफ INDIA गठबंधन की तीन मुख्य मांगें स्पष्ट हैं: 1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और उन्हें सुरक्षा देने वाला 2023 का कानून रद्द किया जाए। 2. SIR को तुरंत रोका जाए। मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए लोगों के नाम वापस जोड़े जाएं। 3. सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएं। कांग्रेस अध्यक्ष ने 1 नवंबर के प्रदर्शन को केवल चुनावी विवाद नहीं, बल्कि संविधान को बचाने की एक बड़ी लड़ाई बताते हुए लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। खड़गे ने कहा कि यह सिर्फ वोट बचाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता का संघर्ष है। मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करता हूं - 1 नवंबर को दिल्ली आएं! रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ-देश बचाओ' जन मार्च और विशाल रैली में शामिल हों। जय हिंद! जय संविधान!
यह रैली का आह्वान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेतृत्व के भीतर इस बात पर आंतरिक चर्चा चल रही है कि दिल्ली के स्थानीय व्यापार संगठनों की उस अपील को माना जाए या नहीं, जिसमें उन्होंने त्योहारों के दौरान खरीदारी के सीजन के खत्म होने तक इस कार्यक्रम को टालने का अनुरोध किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर अपनी बात रखी गई थी।