Delhi में INDIA गठबंधन पूरी तरह से खत्म! AAP की आपदा में कांग्रेस के लिए अवसर की उम्मीद

By अंकित सिंह | Jul 11, 2024

लोकसभा चुनाव के कुछ हफ्ते बाद, राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच गठबंधन सुलझता दिख रहा है। दोनों दल विपक्षी इंडिया गुट के प्रमुख घटक हैं। चुनाव नतीजों में केंद्र में शासन करने वाली भाजपा को दिल्ली की सभी सात सीटें मिलीं। कांग्रेस ने तीन निर्वाचन क्षेत्रों - चांदनी चौक, उत्तर पश्चिम दिल्ली और उत्तर पूर्वी दिल्ली - पर चुनाव लड़ा, जबकि AAP ने अपने सीट-बंटवारे समझौते के तहत पूर्वी दिल्ली, नई दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और पश्चिमी दिल्ली सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे। भाजपा ने लगातार तीसरी बार दिल्ली में संसदीय चुनावों में जीत हासिल की।

 

इसे भी पढ़ें: Delhi liquor policy case: मनोज तिवारी ने केजरीवाल को बताया मास्टरमाइंड, CM पद से इस्तीफे की मांग की


कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि पार्टी के तीनों उम्मीदवारों - जेपी अग्रवाल (चांदनी चौक), उदित राज (उत्तर पश्चिम दिल्ली) और कन्हैया कुमार (उत्तर पूर्वी दिल्ली) ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) को बताते हुए अपनी हार के लिए आप को जिम्मेदार ठहराया है।' दो सदस्यीय तथ्य-खोज समिति ने कहा कि उन्हें अपने अभियानों के दौरान कथित तौर पर आप से सहयोग की कमी का सामना करना पड़ा। ऐसे समीक्षा पैनल का गठन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन राज्यों के लिए किया है जहां लोकसभा चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक या उससे नीचे था।


दिल्ली पर एआईसीसी पैनल में पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया और रजनी पाटिल शामिल हैं। पुनिया ने कहा, "पैनल की रिपोर्ट अब कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को सौंप दी गई है।" जबकि कांग्रेस और AAP दोनों राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया गठबंधन का हिस्सा बने रहेंगे, दोनों दलों के नेताओं ने खुले तौर पर संकेत दिया है कि फरवरी 2025 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए उनके बीच कोई सीट-बंटवारा समझौता नहीं हो सकता है। कांग्रेस की दिल्ली इकाई के नेताओं समेत जिला पार्टी अध्यक्षों ने कहा कि पार्टी को भविष्य में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ कोई गठबंधन नहीं करना चाहिए और आगामी विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ना चाहिए। 


कांग्रेस, जो 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली में अपना खाता खोलने में विफल रही, अब AAP की परेशानियों में एक अवसर को महसूस करते हुए, राष्ट्रीय राजधानी में वापसी करना चाह रही है, जिसके शीर्ष नेतृत्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाला मामले के सिलसिले में जहां मुख्यमंत्री केजरीवाल पिछले कुछ महीनों से जेल में हैं, वहीं उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पिछले साल की शुरुआत से तिहाड़ जेल में बंद हैं। जाहिर तौर पर, कांग्रेस के पतन के कारण दिल्ली में AAP का उदय हुआ, 2013 में सत्ता से बाहर होने के कुछ ही वर्षों में सबसे पुरानी पार्टी का वोट आधार आम आदमी पार्टी की ओर खिसक गया।

 

इसे भी पढ़ें: क्या सच में दिल्ली में महंगी हो जाएगी बिजली? BJP और AAP के बीच सियासी संग्राम


एक बयान में कहा गया कि कांग्रेस की दिल्ली इकाई के प्रमुख देवेंद्र यादव ने बुधवार को जिला अध्यक्षों और पर्यवेक्षकों के साथ ब्लॉक और जिला स्तर की मासिक बैठकों के ‘फीडबैक’ की समीक्षा करने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एजेंडा तय करने के लिए बैठक की। सूत्रों ने बताया कि यह भी निर्णय लिया गया कि चुनाव के दौरान पार्टी को ब्लॉक स्तर पर भी प्रचार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यादव ने 14 जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों और 42 नवनियुक्त जिला पर्यवेक्षकों के साथ बैठक की तथा दो और पांच जुलाई को आयोजित 280 ब्लॉक और 14 जिला कांग्रेस कमेटी की बैठकों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा की। 


बयान में कहा गया कि यादव ने 15 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक बुलाई है, जिसमें बैठक में आए सुझावों और टिप्पणियों पर चर्चा कर दिल्ली कांग्रेस की भावी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें कहा गया, ‘‘बैठक में आम सहमति यह रही कि पार्टी को भाजपा और ‘आप’ सरकारों के खिलाफ आक्रामक तरीके से अभियान चलाने की जरूरत है और लोगों से जुड़े प्रमुख मुद्दों जैसे कि जल संकट, बिजली संकट, जलभराव, प्रदूषण और सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार से निपटने में उनके झूठ, निष्क्रियता और अक्षमता को उजागर करना चाहिए। बैठक में प्राप्त सुझावों में से एक यह था कि स्थानीय मुद्दों को उजागर करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया जाए, जिससे स्थानीय लोगों के बीच कांग्रेस को लेकर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।’’ 

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Assam CM Himanta का बयान, PM Modi के रहते हमारी जीत को कोई दीवार रोक नहीं सकती

आखिर सेवा तीर्थ से उपजते सियासी सवालों के जवाब कब तक मिलेंगे?

Amit Shah का Rahul Gandhi पर बड़ा हमला, बोले- व्यापार समझौतों पर फैला रहे हैं भ्रम

Mahashivratri 2026: धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण त्यौहार है महाशिवरात्रि