By अभिनय आकाश | Sep 13, 2024
रूस यूक्रेन जंग को रोकने के लिए इस वक्त पूरी दुनिया मिलकर काम करना चाहती है। लेकिन क्या ये रूस के बिना संभव है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत के पक्ष को पूरी दुनिया के सामने रखा। विदेश मंत्री ने कहा कि बिना रूस के इस युद्ध को समाप्त करने का विचार भी करना व्यर्थ है। बिना रूस के बातचीत नहीं हो पाएगी। इसलिए एक बार फिर भारत ने इस बात को जोर देकर कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच की जंग को रोकना जरूरी है और इसके लिए रूस से बातचीत को भी इसका अहम हिस्सा बताया। लेकिन इन सब में सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि भारत ने इस बार चीन के साथ चर्चा की है। एनएसए अजीत डोभाल सेंट पीटर्सबर्ग में ब्रिक्स की मीटिंग का हिस्सा थे। इस मीटिंग में तमाम मुल्कों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक साथ बैठकर आगे की कूटनीति पर चर्चा कर रहे थे। ब्रिक्स देशों की मिलकर की गई इस बैठक में आगे आने वाले संघर्षों और एक दूसरे के प्रति प्रतिबद्धताओं को जारी करना था।
दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि भारत-चीन संबंध न केवल दो देशों के लिए बल्कि क्षेत्र और विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य वांग ने इस बात पर जोर दिया कि अशांत दुनिया का सामना करते हुए, चीन और भारत को दो प्राचीन पूर्वी सभ्यताओं और उभरते विकासशील देशों के रूप में स्वतंत्रता का पालन करना चाहिए, एकता और सहयोग का चयन करना चाहिए और उपभोग से बचना चाहिए।