By रेनू तिवारी | Sep 16, 2026
न्यूज़ीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement - FTA) को कानूनी रूप देने के लिए एक ऐतिहासिक विधेयक पारित कर दिया है। इस नए कानून के प्रभाव में आते ही न्यूज़ीलैंड से भारत भेजे जाने वाले लगभग 95 प्रतिशत निर्यात (Export) उत्पादों पर सीमा शुल्क (Tariff) या तो पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा या उसमें काफी कटौती की जाएगी। संसद में यह महत्वपूर्ण विधेयक 93-29 के विशाल अंतर से पास हुआ, जिसमें सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ-साथ मुख्य विपक्षी दल 'लेबर पार्टी' का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ।इसे भी पढ़ें: Delhi Airport पर SpiceJet की Dubai Flights 24 घंटे लेट, नाराज यात्रियों ने किया जोरदार प्रदर्शन
तत्काल शुल्क-मुक्त पहुंच: इस समझौते के तहत शामिल आधे से अधिक उत्पाद कानून के प्रभावी होने के पहले ही दिन से पूरी तरह 'ड्यूटी-फ्री' (शुल्क-मुक्त) हो जाएंगे।
भारतीय उत्पादों को 100% पहुंच: इस ऐतिहासिक डील के तहत सभी भारतीय सामानों को न्यूज़ीलैंड के बाज़ार में 100% ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी, जिससे भारतीय निर्यातकों को सीधा लाभ होगा।
बड़ा दीर्घकालिक निवेश: वेलिंगटन (न्यूज़ीलैंड) ने अगले 15 वर्षों में भारत के विभिन्न उभरते क्षेत्रों में NZ$20 बिलियन (लगभग ₹1 लाख करोड़) का भारी-भरकम निवेश करने पर अपनी सहमति जताई है।
इस समझौते के दायरे में आने वाले आधे से ज़्यादा प्रोडक्ट, इसके लागू होने के दिन से ही ड्यूटी-फ्री (शुल्क-मुक्त) हो जाएंगे। न्यूज़ीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने एक बयान में कहा, "एक्सपोर्टर्स के लिए इसके फायदे तुरंत और बड़े पैमाने पर मिलेंगे। हमें उम्मीद है कि यह हाई-क्वालिटी एग्रीमेंट इस साल लागू हो जाएगा, जिससे इस कार्यकाल में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पूरा करने का हमारा वादा पूरा होगा।"
इस डील के तहत, सभी भारतीय सामानों को न्यूज़ीलैंड में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी। वेलिंगटन ने अगले 15 सालों में भारत में NZ$20 बिलियन (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने पर भी सहमति जताई है। दोनों देशों ने मूल रूप से अप्रैल में इस ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन किए थे। जून 2026 तक के साल में दोनों देशों के बीच कुल ट्रेड NZ$3.99 बिलियन (लगभग 19,500 करोड़ रुपये) का रहा, जिसमें भारत न्यूज़ीलैंड के लिए सामान और सेवाओं का नौवां सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बना। दोनों देशों द्वारा अपनी-अपनी मंज़ूरी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह ट्रेड डील लागू हो जाएगी।इसे भी पढ़ें: ये हथकंडे...मसूद अजहर पर पाकिस्तान के 70 लाख वाले इनामी 'खेल' की भारत ने खोली पोल
कब से लागू होगा समझौता?
दोनों देशों ने मूल रूप से इसी साल अप्रैल महीने में इस ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। न्यूज़ीलैंड संसद से विधेयक पास होने के बाद, अब दोनों पक्ष अपनी-अपनी प्रशासनिक और कानूनी मंज़ूरी की अंतिम प्रक्रियाओं को पूरा कर रहे हैं। औपचारिकताएं समाप्त होते ही यह ट्रेड डील पूरे प्रभाव के साथ लागू हो जाएगी।
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