भारत के ऐलान से UN में भूचाल, 190 देशों में सन्नाटा

By अभिनय आकाश | Jul 28, 2026

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में शब्दों से ऐसी आग लगाई है जिसमें कई देशों का खतरनाक धार्मिक एजेंडा जलकर राख हो गया। जो बात संयुक्त राष्ट्र में आज तक कोई देश नहीं बोल पाया, वह भारत ने कह दी है। भारत ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र में इस तरह से धर्मांतरण का मुद्दा उठा दिया है। ग्लोबल जिहादी और ईसाई मिशनरी भारत का यह बयान सुनकर बौखला जाएंगे। यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट कमीशन में बीजेपी तमिलनाडु के स्टेट प्रेसिडेंट अश्वत्थमन अली मुथू ने अचानक धर्म परिवर्तन को पर्यावरण के लिए खतरा बता दिया है। आपको लग रहा होगा कि धर्म परिवर्तन पर्यावरण के लिए कैसे खतरा हो सकता है। यही बात सुनकर वहां मौजूद कई देश भी हैरान थे। लेकिन अश्वत्थमन ने इसके पीछे जो तर्क दिया वो हैरान करने वाला था। 

इसे भी पढ़ें: 'जिहाद और प्रतिरोध के अलावा कोई रास्ता नहीं', Mojtaba Khamenei ने Israel के खिलाफ Hezbollah के रुख की तारीफ़ की

अश्वत्थ ने कहा कि हम पहले ही मिस्र और रोम जैसी प्राचीन सभ्यताओं को खो चुके हैं। ऐसा धार्मिक धर्मांतरण के कारण हुआ है। दुनिया के लिए मौजूदा सभ्यताओं की रक्षा करना बहुत जरूरी है। भारत सबसे पुरानी जीवित सभ्यताओं में से एक है। ऐसे में अगर कोई भारत में धार्मिक धर्मांतरण का खेल खेलता है तो इससे भारतीय सभ्यता को भी नुकसान पहुंचता है। अश्वत्थमन ने कहा कि मेरा प्रस्ताव है कि तेजी से हो रहे धार्मिक धर्मांतरण को रोकने के लिए हमें जल्द से जल्द बड़े कदम उठाने होंगे। यहां पर उनका सीधा सा मतलब यह है कि भारत में धार्मिक धर्मांतरण रोके जाने चाहिए। भारत की सभ्यता को बचाया जाना चाहिए क्योंकि भारत की धार्मिक विविधता ही पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा वरदान है।

प्रमुख खबरें

Education Minister पर Priyanka Gandhi के बयान से Lok Sabha में हंगामा, जवाबदेही पर BJP-Congress आमने-सामने

US के नए Tariffs के खतरे के बीच China का बड़ा पलटवार, Excess Capacity के आरोपों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद

Education Minister Pralhad Joshi पर Rahul Gandhi का संगीन आरोप, कहा- बलात्कारियों का रक्षक

Ujjain में होगा भव्य Sandipani Alankaran समारोह, Guru Purnima पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav देंगे शिक्षा को नई दिशा