India Bangladesh Border पर हालात तनावपूर्ण ! फिर से घुसने का प्रयास कर रहे घुसपैठियों को BSF ने अच्छा सबक सिखाया

By नीरज कुमार दुबे | Jun 23, 2026

भारत-बांग्लादेश सीमा पर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ भारत अपनी सीमाओं को मजबूत करने में जुटा है, तो दूसरी ओर बांग्लादेशी घुसपैठिये लगातार नए रास्ते तलाश कर भारत में दाखिल होने की साजिश रच रहे हैं। लेकिन भारत ने साफ संकेत दे दिया है कि सीमा पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और हर घुसपैठिये को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

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उधर, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के सुकदेवपुर इलाके में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए जब लगभग 20 बांग्लादेशियों ने दोबारा भारत में घुसने की कोशिश की। सीमा सुरक्षा बल ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और स्थानीय ग्रामीण भी जवानों के समर्थन में सीमा पर उतर आए। जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के चपाई नवाबगंज इलाके में करीब एक हजार लोगों की भीड़ जमा थी और उसी के बीच से घुसपैठ कराने की तैयारी चल रही थी। यह संगठित तरीके से भारत की सीमा को चुनौती देने की कोशिश थी। लेकिन इस बार सीमा पर तैनात जवान पूरी तैयारी में थे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सीमा विवाद अब केवल अवैध घुसपैठ तक सीमित नहीं रहा। बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े 83 श्रद्धालुओं को भारत आने से रोक दिया गया, जबकि उनके पास वैध पासपोर्ट और वीजा थे। बांग्लादेश प्रशासन ने सरकारी अनुमति का बहाना बनाकर उन्हें सीमा से लौटा दिया। इससे साफ हो गया कि ढाका में भारत विरोधी मानसिकता तेजी से मजबूत हो रही है और वहां धार्मिक यात्राओं तक को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है।

यही नहीं, सीमा पर सबसे बड़ा संकट तथाकथित पुश इन और पुश बैक को लेकर खड़ा हो गया है। बांग्लादेश का दावा है कि भारत बिना सत्यापन के लोगों को उसकी सीमा में धकेल रहा है, जबकि भारत का कहना है कि अवैध प्रवासियों को कानून के अनुसार बाहर किया जा रहा है। हम आपको बता दें कि भारत-बांग्लादेश सीमा दुनिया की सबसे जटिल सीमाओं में गिनी जाती है। 4096 किलोमीटर लंबी यह सीमा नदियों, जंगलों, खेतों और गांवों के बीच से गुजरती है। कई इलाकों में आज भी सीमा इतनी खुली है कि घुसपैठिये आसानी से रास्ता तलाश लेते हैं।

हाल के दिनों में सीमा पर सैकड़ों पुश इन घटनाएं सामने आई हैं। बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल का कहना है कि 2000 से ज्यादा लोगों को बांग्लादेश में धकेला गया। वहीं भारत का कहना है कि घुसपैठ भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सीधा हमला है और ढाका को अपने उन लोगों को वापस लेने के लिए प्रक्रिया को तेज करना चाहिए जिनके नाम भारत ने दिये हुए हैं। देखा जाये तो अवैध घुसपैठ ने सीमावर्ती राज्यों में जनसंख्या संतुलन, रोजगार और सुरक्षा को प्रभावित किया है। यही वजह है कि अब भारत सीमा पर बाड़, निगरानी तंत्र, ड्रोन और चौकियों को लगातार मजबूत कर रहा है।

बहरहाल, भारत ने अब जिस तरह चुन चुन कर बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने की नीति अपनाई है उसका पूरा देश में स्वागत हो रहा है। हर नागरिक इस कदम का स्वागत कर रहा है क्योंकि यह घुसपैठिये हमारे गांवों, शहरों में घुसते जा रहे थे। यह संसाधनों पर बोझ तो बन ही रहे थे साथ ही कानून व्यवस्था के लिए चुनौती भी खड़ी कर रहे थे लेकिन अब इनकी खुद की खाट खड़ी हो गयी है और यह दुम दबा कर भागने लगे हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों को समझना होगा कि सीमा पार से आने वाले हर अवैध व्यक्ति को वापस लौटना होगा। जो लोग भारत की उदारता को कमजोरी समझते रहे, उन्हें अब यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि सीमा सुरक्षा बल चौबीसों घंटे सतर्क है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए भारतीय सीमा अब अभेद्य दीवार बनने जा रही है।

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