By अंकित सिंह | Sep 30, 2026
बुधवार को INDIA गठबंधन ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए कई कार्यक्रमों की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी पार्टियां 2 अक्टूबर को लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालेंगी और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगी। खड़गे ने बताया कि बैठक में 20 पार्टियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियों ने एकजुट रहने और मज़बूती से लड़ने की ज़रूरत पर चर्चा की।
खड़गे ने कहा कि असल में, चुनाव आयोग के अंदर दो-तीन लोग सिर्फ़ मोहरे हैं, जबकि अमित शाह और मोदी उन्हें कठपुतली की तरह नचा रहे हैं... सभी पार्टियों ने मिलकर यह लड़ाई लड़ने की बात कही। INDIA गठबंधन की बैठक पर NCP-SCP नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि लोगों में EVM को लेकर काफी गुस्सा है। वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों और जिस तरह से वोटरों के नाम हटाए गए, उस पर चर्चा हुई... इस बात पर भी चर्चा हुई कि चुनाव आयोग ने बंगाल और बिहार में सत्ता में बैठे लोगों की जीत पक्की करने के लिए कैसे काम किया... मैं लंबे समय से कह रहा हूं कि इंसान की बनाई किसी भी मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, उसे हैक किया जा सकता है। किसी भी चुनावी सिस्टम में इंसान की बनाई मशीनें सबसे खतरनाक चीज़ होती हैं।
अपनी शुरुआती बातों में खड़गे ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और एक ऐसा देश है जिसकी लोकतांत्रिक परंपराएं एक सरल लेकिन गहरे सिद्धांत पर बनी हैं - कि देश की सरकार चुनने में हर नागरिक की बराबर की आवाज़ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यही भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में नागरिक और राजनीतिक दल चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं जता रहे हैं।