By अंकित सिंह | Aug 06, 2021
बाकी ओलंपिक की तुलना में टोक्यो ओलंपिक-2020 भारत के लिए शानदार रहा है। भारत अब तक 5 पदक जीत चुका है। इसके अलावा अब भी तीन पदक की उम्मीद है। सबसे खास बात तो यह है कि भारत ओलंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 पदक जीतकर किया हुआ है। लेकिन इस बार उम्मीद है कि भारत कम से कम 8 पदक तो जीत सकता है। भारत के लिए सबसे अच्छी बात तो यह रही कि इस बार हॉकी में उसे 1 पदक मिला है। भारत का हॉकी में गौरवशाली इतिहास रहा है और टोक्यो ओलंपिक से उसने अपने राष्ट्रीय खेल को एक नई दिशा देने की कोशिश की है। भारत ने अब तक सबसे अच्छा प्रदर्शन लंदन ओलंपिक 2012 में किया है जहां उसे 6 पदक हासिल हुए थे।
अगर यह तीनों खिलाड़ी पदक हासिल करने में कामयाब हो जाते हैं तो भारत के खाते में टोक्यो ओलंपिक में कुल 8 पदक आ जाएंगे। इसका मतलब साफ है कि ओलंपिक इतिहास में भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए मेडल का खाता वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने खोला और सिल्वर पदक जीता। उनके बाद पीवी सिंधु ने बैडमिंटन में कांस्य पदक पर कब्जा किया। स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। रवि दहिया भले ही 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में गोल्ड पदक से चूक गए लेकिन उन्होंने सिल्वर मेडल हासिल किया। इसके अलावा भारत के लिए सबसे अच्छी बात रही कि उसने 41 साल बाद हॉकी में कमाल किया है और कांस्य पदक जीतने में कामयाबी हासिल की।
लंदन ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:-
विजय कुमार- (सिल्वर)- शूटिंग- 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल
सुशील कुमार- (सिल्वर)- कुश्ती फ्रीस्टाइल 66 किलोग्राम भार वर्ग
गगन नारंग-(कांस्य)- शूटिंग 10 मीटर एयर राइफल
सायना नेहवाल- (कांस्य)- बैडमिंटन- महिला एकल
एमसी मैरी कॉम-(कांस्य)- बॉक्सिंग
योगेश्वर दत्त-(कांस्य)- कुश्ती फ्रीस्टाइल 60 किलोग्राम भार वर्ग