By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 01, 2026
मुंबई, एक नवंबर भारत में क्रूज पर्यटन का बाजार आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों को छू सकता है। देश की 12,000 किलोमीटर की लंबी समुद्री तटरेखा और लोगों की तेजी से बढ़ती खर्च करने की क्षमता के बीच क्रूज यात्रा भारतीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रही है। उद्योग के एक शीर्ष अधिकारी ने यह राय जताई है।
यह आंकड़ा 20 करोड़ बैठता है।’’ ‘क्रूज लाइन्स इंटरनेशनल एसोसिएशन’ (सीएलआईए) के अप्रैल, 2026 में जारी 2025 के वैश्विक क्रूज यात्री आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन और आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया तथा कनाडा दुनिया के शीर्ष पांच क्रूज बाजारों में शामिल हैं। अमेरिका 2.06 करोड़ यात्रियों के साथ सबसे प्रमुख बाजार है। इसके बाद जर्मनी 28 लाख, ब्रिटेन और आयरलैंड 25-25 लाख, ऑस्ट्रेलिया 14.5 लाख और कनाडा 12.7 लाख का स्थान आता है।
सीएलआईए की रैंकिंग में हालांकि भारत शीर्ष 10 बाजारों में शामिल नहीं है। बैलोम ने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 2032 तक भारत को दुनिया के पांच सबसे बड़े क्रूज बाजारों में शामिल करना है।’’ बैलोम ने मुंबई तट के पास ‘कॉर्डेलिया स्काई’ पर संवाददाताओं से कहा कि कंपनी के पास वर्तमान में ‘कॉडेलिया एम्प्रेस’ और ‘कॉर्डेलिया स्काई’ दो क्रूज हैं। इसके अलावा कंपनी का तीसरा क्रूज ‘कॉर्डेलिया सन’ के भी जल्द बेड़े में शामिल होने की संभावना है।
कॉर्डेलिया क्रूज का परिचालन करने वाली वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘नए जहाज के शामिल होने से कंपनी की परिचालन क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही मुंबई और कोच्चि से गोवा, लक्षद्वीप, मालदीव और श्रीलंका सहित विभिन्न घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर क्रूज सेवाओं का विस्तार होगा।’’ कॉर्डेलिया क्रूज वॉटरवेज लीजर टूरिज्म लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी है।