अमेरिका के नक्‍शेकदम पर न चले भारत, ताइवान से रहे दूर, ओम बिरला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेजने की सलाह पर चीन ने धमकाया

By अभिनय आकाश | Aug 04, 2022

अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा के एक दिन बाद दो वैश्विक महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच वाकयुद्ध चल रहा है। इन सब के बीच कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक अहम सुझाव दिया है। कांग्रेस सांसद तिवारी ने कहा कि स्पीकर बिरला को भी एक संसदीय प्रतिनिधि मंडल लेकर ताइवान जाना चाहिए। कुछ घंटे बाद, एक अन्य दिग्गज कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने भी चीन के खिलाफ भारत के स्टैंड को लेकर बड़ी बात कही। भारतीय नेताओं की इस तरह की बयानबाजी से ड्रैगन बुरी तरह बौखला गया है। उसने अब भारत को चेतावनी दी है कि वह अमेरिका के नक्‍शेकदम पर न चले, ताइवान से दूर रहे। 

इसे भी पढ़ें: लड़ाकू जेट, टैंक, फायर ड्रिल और चेतावनी के बावजूद अमेरिकी स्पीकर नैन्सी पेलोसी का ताइवान दौरा संपन्न, ताइपे से भरी उड़ान

लोकसभा सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा ऐतिहासिक है। जैसा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शी जिनपिंग से कहा है कि संसद सरकार की एक शाखा के समान है। उसी तरह आपके नेतृत्व में एक भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल को भी ताइवान की यात्रा पर विचार करना चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अगर चीन भारत के साथ दुर्व्यवहार करता है तो भारत के पास 'ताइवान कार्ड' तैयार होना चाहिए। थरूर ने एक टीवी चैनल से कहा, "अगर चीन हमारे साथ दुर्व्यवहार करता है, तो यह उन कार्डों में से एक है जिसे हम यह दिखाने के लिए खेल सकते हैं कि हम ताइवान के साथ अपने संपर्क के स्तर को अपग्रेड करने के लिए तैयार हैं।"

प्रमुख खबरें

Punjab Assembly से कांग्रेस विधायक Sukhpal Khaira मौजूदा सत्र के लिए सस्पेंड

New York City Council ने पारित किया रोमांच कानून, घोड़ा-बग्घी संचालन पर 2028 तक लगेगी रोक

Odisha: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकारी AEE तपन सेठी गिरफ्तार

Jordan के कराक में चर्च पर आतंकी हमला, 7 लोगों की मौत और 34 घायल