By नीरज कुमार दुबे | Jun 29, 2026
केंद्र सरकार ने आज भारत और पाकिस्तान के बीच कथित ट्रैक-2 वार्ता से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया कि इस तरह की बैठकों का भारत सरकार से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि ये निजी स्तर पर आयोजित कार्यक्रम हैं और इनमें भारत सरकार की न तो कोई भागीदारी है और न ही कोई समर्थन। मीडिया में आई खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रम मिसरी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन कोई नई बात नहीं हैं। दुनिया भर में विभिन्न विषयों पर इस तरह के अनेक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इन बैठकों को लेकर अनावश्यक महत्व देने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये पूरी तरह निजी पहल हैं।
विक्रम मिसरी ने यह भी दोहराया कि भारत सरकार इस तरह की बैठकों को कोई विशेष महत्व नहीं देती। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे आयोजनों का संज्ञान तक नहीं लेती क्योंकि इनका कोई ठोस आधिकारिक महत्व नहीं होता। उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं का सरकारी नीतियों या दोनों देशों के औपचारिक संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं माना जाना चाहिए।
हम आपको बता दें कि हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान के कुछ पूर्व अधिकारियों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों के बीच ट्रैक-2 वार्ता की खबरें सामने आई थीं। इसी को लेकर सरकार से सवाल पूछे गए थे। ट्रैक-2 वार्ता आमतौर पर अनौपचारिक चर्चाओं को कहा जाता है, जिनमें दोनों देशों के पूर्व अधिकारी, रणनीतिक विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सामाजिक क्षेत्र से जुडे लोग भाग लेते हैं। इन बैठकों का उद्देश्य द्विपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना होता है, लेकिन ये किसी भी सरकार की आधिकारिक नीति या रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं। बहरहाल, भारत सरकार के ताजा बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि नई दिल्ली इस प्रकार की अनौपचारिक पहलों को आधिकारिक कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं मानती और उनसे दूरी बनाए हुए है।