सबसे बड़े मुस्लिम देश के राष्ट्रपति का विमान भारत ने मुड़वाया, पाकिस्तान की जगह मलेशिया जाएंगे प्रबोवो सुबियांतो

By अभिनय आकाश | Jan 13, 2025

26 जनवरी की परेड से पहले भारत ने एक बड़ा खेल कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि भारत ने सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया के राष्ट्रपति का विमान मुड़वा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार 26 जनवरी पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो चीफ गेस्ट के तौर पर आ रहे हैं। लेकिन मजे की बात ये है कि भारत ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि अभी तक 26 जनवरी के चीफ गेस्ट के नाम की घोषणा आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है। 2024 पर नजर डालें तो फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया था। लेकिन इमैनुएल मैक्रों के नाम की घोषणा दिसंबर में ही कर दी गई थी। इसी तरह 2023 में मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल सिसि को बुलाया गया था। अब्दुल फतेह अल सिसि के नाम की घोषणा तो दो महीने पहले नवंबर में ही कर दी गई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। 

इसे भी पढ़ें: इधर भारत के साथ हुई सीक्रेट मीटिंग, उधर Pakistan के 16 वैज्ञानिकों को उठा ले गया तालिबान

 ये खबर सुनकर पाकिस्तान के पैरों तले जमीन खिसक गई है। मोदी सरकार ने सुबियांतों का विमान मुड़वाकर अब पाकिस्तान की जगह मलेशिया करवा दिया है।  प्रबोवो सुबियांतो नए नए राष्ट्रपति बने हैं तो शायद उन्हें पता न हो कि भारत अपनी फॉरेन पालिसी बदल चुका है। कुछ सालों पहले तक जो भी नेता भारत आता था वो पाकिस्तान भी जाता था। लेकिन भारत ने अब साफ कर दिया है कि आप भारत आ रहे हैं तो भारत आइए लेकिन हमसे मिलने के बाद पाकिस्तान जाने की जरूरत नहीं है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांटो को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करके भारत ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। पहली बात यह है कि इंडोनेशिया की भारत के साथ अच्छी मित्रता है। इस कारण भारत ने 1950 के बाद तीसरी बार किसी इंडोनेशियाई नेता को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।  

प्रमुख खबरें

EPFO का Digital Revolution: अब e-Prapti Portal से Aadhaar के जरिए एक्टिव करें पुराना PF खाता.

Google के Cloud बिजनेस ने तोड़ा हर रिकॉर्ड, Profit तीन गुना बढ़कर कंपनी की बदली किस्मत

Anil Agarwal का बड़ा दांव: Vedanta के 5 टुकड़े, जानें Demerger के बाद किस शेयर में कितना दम

Champions League: रेफरी का एक फैसला Arsenal पर पड़ा भारी, Atletico के खिलाफ जीता हुआ मैच हुआ ड्रॉ