By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 21, 2026
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सभी प्रमुख देशों ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दिल्ली घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। वैष्णव ने कहा कि 70 से अधिक देशों ने पहले ही घोषणापत्र पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और शनिवार को यह संख्या 80 के पार हो जाने की संभावना है। वैष्णव ने कहा, मैं आपके साथ यह भी साझा करना चाहूंगा कि पिछले शिखर सम्मेलन में अंतिम घोषणापत्र पर लगभग 60 देशों ने हस्ताक्षर किए थे।
उन्होंने कहा, घोषणा पर व्यापक सहमति है, हम शिखर सम्मेलन के आकार को देखते हुए, इसमें शामिल होने वालों की संख्या को अधिकतम करना चाहते हैं। मंत्री ने कहा कि शिखर सम्मेलन समाप्त होने के बाद दिल्ली घोषणापत्र का पूरा विवरण पारदर्शी तरीके से साझा किया जाएगा। सम्मेलन में भारत की पांच-स्तरीय एआई नीति और स्वदेशी एआई मॉडल की पहल की वैश्विक प्रौद्योगिकी उद्योग के दिग्गजों ने सराहना की। वैष्णव ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारत के इंजीनियरों और शोधकर्ताओं ने उच्च गुणवत्ता वाले मॉडल तैयार किए हैं, जो हमारी मेहनत को वैश्विक मान्यता देते हैं।
वैष्णव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अगले सेमीकंडक्टर संयंत्र की नींव रखी जाएगी और 28 फरवरी से माइक्रॉन फैक्टरी में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि यह देश का एक बड़ा औद्योगिक केंद्र होगा, जिसका आकार लगभग 10 क्रिकेट मैदानों के बराबर है। भारत एआई मिशन 2.0 के तहत लगभग 20 लाख लोगों को एआई में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।