भारत ने खोजी ट्रंप के 100% टैरिफ की काट, सारा माल रूस की तरफ मोड़ा

By अभिनय आकाश | Oct 07, 2025

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने ऐलान किया कि भारत समेत कई देशों से आने वाली दवाओं पर 100 % टैरिफ लगाया जाएगा। मतलब कि अगर कोई दवा अमेरिका जाएगी तो उसकी कीमत दोगुनी हो जाएगी। ट्रंप ने इसे मेड इन अमेरिका को बढ़ावा देने की चाल बताई। लेकिन असल में ये फैसला भारत की बढ़ती फॉर्मा ताकत पर एक आर्थिक हमला था। लेकिन भारत ने इस वॉर को आर्थिक युद्ध नहीं बल्कि रणनीति के खेल में बदल दिया और आपदा को अवसर में तब्दील कर दिया। भारत सरकार और फॉर्मा इंडस्ट्री ने तुरंत चार दिशा में काम शुरू किया।

इसे भी पढ़ें: 7 लाख 50 हजार बैरल तेल लेकर भारत आ रहे जहाज को फ्रांस ने घेर लिया, फिर रूस ने दिखाया अपना रौद्र रूप

अमेरिका ने जब भारत पर टैरिफ लगाया, चाल चली तो  बाकी दुनिया ने भारत को गले लगा लिया। सबसे पहले भारत के यार रूस, फिर यूरोप और अब अफ्रीका ने भारत के साथ नई डील साइन कर ली। फ्रांस, जर्मनी, ब्राजील, मिस्र और इंडोनेशिया ने तो यहां तक कह दिया कि अगर दवा चाहिए तो रास्ता नई दिल्ली से होकर जाएगा। भारत की दवा कंपनियों ने अपनी क्षमता बढ़ा ली। 

इसे भी पढ़ें: दिसंबर में पुतिन आएंगे, भारत के लिए कितने S-400 लाएंगे?

डॉ रेड्डीज़ लैबोरेटरीज ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी डॉ रेड्डीज़ लैबोरेटरीज एलएलसी, रूस (डीआरएल रूस) में ₹565 करोड़ का निवेश किया और 45.19 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी हासिल की। यह लेन-देन हैदराबाद स्थित कंपनी के बोर्ड द्वारा नवंबर 2024 में रूसी शाखा में ₹600 करोड़ तक निवेश करने के निर्णय का परिणाम है। बीएसई को सूचित किया गया कि यह निवेश 25 जुलाई, 2025 को नकद भुगतान पर पूरा हुआ। कंपनी द्वारा डीआरएल रूस में निवेशित धनराशि का उपयोग कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए किया जाएगा। 

प्रमुख खबरें

पाकिस्तानी राष्ट्रपति Asif Ali Zardari का दावा- Pakistan में हिंदू सुरक्षित और भारत से ज्यादा यहीं रहना करते हैं पसंद

Saif Ali Khan Birthday: लंगड़ा त्यागी से बदली किस्मत, अब Villain बन छाए बॉलीवुड नवाब

Vimal विज्ञापन मामले में FDA ने अजय देवगन, शाहरुख और टाइगर को भेजा नोटिस

Guinness World Record: न्यूजर्सी में 1,300 से अधिक ध्वजों से बनी 250 की आकृति