By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
भारत का पहला खनिज एक्सचेंज अगले वित्त वर्ष तक पंजीकृत होकर परिचालन में आ सकता है। सरकार की एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। खान मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव वीणा कुमारी डर्मल ने फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज (फिमी) की 60वीं वार्षिक आम बैठक में कहा कि इस एक्सचेंज के पंजीकरण का काम चल रहा है और अगले वित्त वर्ष तक पहले खनिज एक्सचेंज का परिचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है।
इनका उद्देश्य खनिजों की पारदर्शी मूल्य खोज और गुणवत्ता के मानकीकृत आकलन के साथ आधुनिक मंच तैयार करना है। डर्मल ने कहा कि खनिज एक्सचेंज में बाजार में हेराफेरी रोकने और कारोबार में शामिल पक्षों के हितों की रक्षा के लिए जोखिम प्रबंधन व्यवस्था भी होगी। इससे उत्पादकों एवं खरीदारों को खनिजों के लिए भरोसेमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बाजार उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि खनिज बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ हैं। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते हुए देश का प्रमुख उद्देश्य आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 10,12,000 करोड़ रुपये मूल्य के खनिजों का आयात किया।
यह आयात बोझ कम करने के लिए उद्योग को विस्तार देने, घरेलू क्षमता और उत्पादन बढ़ाने तथा स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने की जरूरत है। डर्मल ने कहा कि पिछले एक दशक में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खनिज उत्पादन का मूल्य 2013-14 में करीब 50,000 करोड़ रुपये था जो बढ़कर 2025-26 में 1.86 लाख करोड़ रुपये हो गया।
उन्होंने कहा कि यह वृद्धि खान मंत्रालय द्वारा किए गए नीतिगत सुधारों से प्रेरित है। उन्होंने कहा, ‘‘खनिज उत्पादन में वृद्धि हो रही है, लेकिन यह देश की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।’’ लौह अयस्क का उत्पादन 2013-14 के 152 करोड़ टन से बढ़कर पिछले वर्ष 312 करोड़ टन हो गया। चूना पत्थर का उत्पादन 280 करोड़ टन से बढ़कर 483 करोड़ टन और बॉक्साइट का उत्पादन 22 करोड़ टन से बढ़कर 26 करोड़ टन हो गया।