International Flights को बड़ी राहत, Commercial LPG ने दिया झटका, जानें आज के नए Fuel Rates

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 01, 2026

अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित करने वाली विमानन कंपनियों के लिए विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में सोमवार को 27 प्रतिशत की भारी कटौती की गई जिससे इन्हें बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, घरेलू कंपनियों के लिए एटीएफ दरों में लगातार दूसरे महीने कोई बदलाव नहीं किया गया। उद्योग सूत्रों के अनुसार, इस कटौती से अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए विमान ईंधन की कीमत 400 डॉलर प्रति किलोलीटर से अधिक घटकर करीब 1,100 डॉलर प्रति किलोलीटर रह गई। इन विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ दरें एक मई को 76.55 डॉलर (5.33 प्रतिशत) बढ़ाकर 1,511.86 डॉलर प्रति किलोलीटर की गई थीं।

वहीं तेल विपणन कंपनियों ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम) की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे दिल्ली में इसकी कीमत 3,113.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है जो पहले 3,071.50 रुपये थी। यह वृद्धि एक मई को की गई 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी के बाद हुई है, जिससे वाणिज्यिक एलपीजी कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। वहीं पांच किलोग्राम ‘फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर’ की कीमत भी 11 रुपये बढ़ाकर 821.50 रुपये कर दी गई है। घरेलू उपभोक्ताओं को हालांकि राहत देते हुए 14.2 किलोग्राम घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये पर स्थिर रखी गई है, जो मार्च की शुरुआत से लागू है। यह संशोधन सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा हर महीने किए जाने वाले मूल्य निर्धारण का हिस्सा है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले महीने इनमें लगभग 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। वर्तमान में दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट और पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर जेट ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है। भारत में विमान ईंधन की कीमतें दो दशक से अधिक समय पहले नियंत्रण मुक्त कर दी गई थीं और तब से इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रखा जाता है।

उद्योग सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया तनाव के कारण ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल को देखते हुए सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है, जिसमें विदेशी विमानन कंपनियों से बाजार दर वसूली जा रही है जबकि घरेलू कंपनियों के लिए कीमतें नियंत्रित रखी गई हैं।

कीमतें स्थिर रखने के कारण इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को एटीएफ बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार इसी तरह पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी पर भी नुकसान हो रहा है जो मई में लगभग 650 करोड़ रुपये प्रतिदिन रहा।

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