By अभिनय आकाश | Apr 10, 2026
भारत सरकार ने राजस्थान के बाड़मेर में बन रही रिफाइनरी को लेकर एक ऐसा फैसला लिया है जो सीधे आपकी जेब, देश की तिजोरी और दुनिया में भारत की साख से जुड़ा हुआ है। भारत का यह दाव कैसे दुनिया में हमें तेल हब बनाएगा और इस एक रिफाइनरी से राजस्थान और देश की किस्मत कैसे पलटेगी। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति ने राजस्थान के बालोतरा जिले के पंचपद्रा में बन रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड के लिए अपना खजाना पूरी तरह खोल दिया है। देखिए जब इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी तब इसकी लागत 43129 करोड़ आकी गई थी। लेकिन दोस्तों कोई भी बड़ा इंफ्रा प्रोजेक्ट जब समय के साथ आगे बढ़ता है तो कच्चे माल की कीमतें, नई तकनीक, नई जरूरत और प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ जाता है। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर ₹89,459 करोड़ कर दिया है। यह लगभग ₹36,000 करोड़ का इजाफा हुआ है। साथ ही हिंदुस्तान पेट्रोलियम इसमें ₹8,962 करोड़ की अतिरिक्त इक्विटी डालेगा। अब इस पूरे प्रोजेक्ट में एचपीसीएल का कुल निवेश बढ़कर ₹1600 करोड़ हो जाएगा और साथ ही साथ भारत सरकार की अपनी भूमिका रहेगी।
यहां आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत तेल रिफाइनिंग के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। हम केवल अमेरिका, चीन और रूस से पीछे हैं। भारत की कुल ऑयल रिफाइनिंग कैपेसिटी लगभग 258 से 260 एमएमटीपीए है। हमारे पास Reliance की जामनगर रिफाइनरी है जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी मानी जाती है। अच्छा सरकार यही रुकने वाली नहीं है। 2030 तक हमारा लक्ष्य अपनी क्षमता को बढ़ाकर 450 से 500 एमएमटी तक ले जाने का है। यानी हम बहुत जल्द टॉप थ्री में जगह बनाने की तैयारी कर रहे हैं। यहां एक बात और साफ कर दें अक्सर लोग समझते हैं कि रिफाइनरी का मतलब सिर्फ पेट्रोल और डीजल बनाना है। ये दोनों ही अलग-अलग चीजें हैं।