Nepal को भारत ने दिया 440 वोल्ट का झटका, रद्द किया Foreign Secretary दौरा

By अभिनय आकाश | May 09, 2026

पिछले कुछ दिनों में भारत और नेपाल के रिश्तों में हल्का तनाव देखने को मिला। पहले लिपुलेख को लेकर विवाद जहां दोनों देशों की ओर से बयानबाजी हुई और अब खबर आ रही है कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिश्री का प्रस्तावित नेपाल दौरा फिलहाल टाल दिया गया। बताया जा रहा है कि यह दौरा 11 मई से शुरू होना था। लेकिन अचानक इसे स्थगित कर दिया गया और भारत की ओर से लिए गए इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई। दरअसल विदेश सचिव विक्रम मिश्री दो दिन के दौरे पर काठमांडू जाने वाले नेपाल और भारत दोनों तरफ से इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। लेकिन अब अचानक इस दौरे को टाल दिया गया। नेपाल के विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों के मुताबिक भारतीय पक्ष की तरफ से अचानक जानकारी ली गई कि यह दौरा फिलहाल टाल दिया गया है। 

इसे भी पढ़ें: Neapl ठोकेगा भारत पर भारी जुर्माना? नए फरमान से मचा बवाल

नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौल क्षेत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते बहुत गहरे हैं और किसी एक मुद्दे से दोनों देशों के संबंध प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि एक बात और यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब लिपुलेख को लेकर भी तनाव बढ़ा हुआ है। नेपाल की सरकार और विपक्ष दोनों ने लिपुलेख को लेकर बयानबाजी तेज कर दी है। आपको बता दें लिपुलेख वो इलाका है जो भारत का है और नेपाल इसे लेकर उल्टे सीधे दावे करता है और पिछले कुछ दिनों में नेपाल में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी काफी तेज हो गई। ऐसे में विदेश सचिव का दौरा टलना इन घटनाओं का भी प्रभाव हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि भारत तक नहीं करता। आपको बता दें भारत और नेपाल के संबंध सिर्फ पड़ोसी देशों वाले नहीं है। दोनों देशों के बीच खुली सीमा है। सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव है और आर्थिक सहयोग भी दोनों के बीच काफी बड़ा रोटी बेटी का रिश्ता है।

प्रमुख खबरें

US-Iran के बीच New Deal की पेशकश, क्या प्रतिबंधों के बदले परमाणु कार्यक्रम रोकेगा तेहरान?

Tamil Nadu में सियासी गतिरोध खत्म! Vijay कल ले सकते हैं शपथ, राज्यपाल से मिल सरकार बनाने का दावा किया पेश

BJP पूंजीवाद को देती है बढ़ावा , Akhilesh Yadav का सरकार पर हमला, बोले- जल्द बढ़ेंगे Petrol-Diesel के दाम

इस बार हमारी सरकार (व्यंग्य)