By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 24, 2026
भारत से आयातित वस्तुओं पर अमेरिका में लगाए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क से अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे, लेकिन निर्यातकों का मानना है कि इसका असर घोषित शुल्क दर के बजाय वैश्विक प्रतिस्पर्धा के नजरिये से देखा जाना चाहिए। अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) के इस्तेमाल को रोकने के प्रयासों के तहत भारत सहित 17 देशों से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है।
इस तरह भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। उन्होंने कहा कि वस्त्र, परिधान, चमड़ा और फुटवियर जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में बांग्लादेश, कंबोडिया, पाकिस्तान, श्रीलंका, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे कई प्रतिद्वंद्वी देश भी 10 प्रतिशत शुल्क के दायरे में हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त काफी हद तक बनी रहेगी। फियो ने निर्यातकों को सलाह दी है कि वे केवल 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क के आधार पर निष्कर्ष न निकालें, बल्कि अलग-अलग उत्पाद के हिसाब से अमेरिकी शुल्क, संभावित छूट और प्रतिस्पर्धी देशों पर लागू दरों का विस्तृत आकलन करें।