India MEA Briefing: भारत-पाक सैन्य संघर्ष के दौरान Pakistan की मदद करने China से India ने पूछ लिया बड़ा तीखा सवाल

By नीरज कुमार दुबे | May 12, 2026

भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का पक्ष विस्तार से रखा। संवाददाता सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स बैठक, पड़ोसी देशों के साथ संबंध, ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद, अवैध प्रवासन और प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा जैसे विषयों पर भारत की रणनीति और कूटनीतिक प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से सामने आईं।

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नेपाल के साथ संबंधों पर बोलते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते बहुआयामी हैं। नेपाल में नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री ने वहां के नेतृत्व से बातचीत की थी। उन्होंने बताया कि नेपाल की ओर से विदेश मंत्री को यात्रा का निमंत्रण मिला है और दोनों पक्षों की सुविधा के अनुसार तारीखें तय की जाएंगी। इसके साथ ही नेपाल द्वारा उर्वरकों की आपूर्ति का अनुरोध भी भारत को प्राप्त हुआ है, जिस पर मौजूदा सहयोग ढांचे के तहत कार्यवाही की जा रही है।

बांग्लादेश के संदर्भ में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के संबंध सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हाल के समय में बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत आए थे और वहां की नई सरकार के गठन से जुड़े कार्यक्रमों में भारत का भी प्रतिनिधित्व हुआ था। हालांकि अवैध प्रवासन का मुद्दा अब भी दोनों देशों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में 2860 से अधिक ऐसे लोगों की राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए बांग्लादेश से अनुरोध किया है, जिन्हें भारत बांग्लादेशी नागरिक मानता है, लेकिन अब तक इस पर जवाब नहीं मिला है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री की चीन यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारत दुनिया भर के घटनाक्रमों पर नजर रखता है, लेकिन पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध अपने आप में स्वतंत्र और पारस्परिक हितों पर आधारित हैं।

ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भारत ने साफ किया कि 140 करोड़ लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा स्रोतों के चयन में राष्ट्रीय हित सर्वोपरि रहेगा। सरकार वैश्विक परिस्थितियों और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर निर्णय लेती है। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत पड़ोसी देशों को ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति लगातार कर रहा है। बांग्लादेश को मैत्री पाइपलाइन के जरिये डीजल भेजा जा रहा है, जबकि भूटान, नेपाल और श्रीलंका को भी विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत ऊर्जा उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मॉरीशस के साथ भी इस दिशा में नई व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री की पांच देशों की प्रस्तावित यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस दौरान पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात होगा। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री नॉर्वे, स्वीडन, इटली और नीदरलैंड की यात्रा करेंगे। उन्होंने इन देशों को नवाचार, हरित ऊर्जा और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी बताया। भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ाकर विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करना चाहता है।

चाबहार बंदरगाह के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस विषय पर ईरान और अमेरिका दोनों के साथ बातचीत जारी है। वर्तमान क्षेत्रीय संघर्षों के कारण स्थिति जटिल बनी हुई है और भारत हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। वहीं चागोस द्वीप समूह के प्रश्न पर भारत ने एक बार फिर मॉरीशस की संप्रभुता का समर्थन दोहराया।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन की ओर से जमीन पर समर्थन मिलने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सामने आई रिपोर्टें पहले से ज्ञात तथ्यों की पुष्टि करती हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए चलाया गया सटीक और संतुलित अभियान था। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार देशों को यह विचार करना चाहिए कि आतंकवादी ढांचे को संरक्षण देने की कोशिशें उनकी वैश्विक छवि को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।

विदेश मंत्रालय ने देश में मितव्ययिता अभियान पर भी जोर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पूरे देश से बचत और जिम्मेदार नागरिक के रूप में योगदान देने की अपील की है। यह केवल किसी एक मंत्रालय का विषय नहीं बल्कि पूरे देश का सामूहिक प्रयास है।

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