Chandrayaan 3 से भारत को हैं कई उम्मीदें, जानें इसके बारे में बड़ी बातें

By रितिका कमठान | Jul 14, 2023

भारत का चंद्रयान 3 मिशन आज लॉन्च होने वाला है। सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए ये काफी अहम है। इसे लॉन्च होने में कुछ ही समय बचा है। भारत के इस चंद्रयान मिशन 3 पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई है। बता दें कि ये चंद्रयान 3 मिशन बेहद अहम और खास है।

 बता दें कि भारत का मुख्य मिशन चंद्रयान हॉलीवुड फिल्म मिशन इम्पॉसिबल-7 के कुल बजट से बेहद सस्ता है। फिल्म मिशन इम्पॉसिबल-7 का बजट 2,386 करोड़ रुपये है जबकि चंद्रयान 3 को बनाने में काफी कम लागत आई है। ये सिर्फ 615 करोड़ रुपये की लागत में बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। बेहद कम कीमत में बना ये मिशन बीते मिशन की अपेक्षा काफी शक्तिशाली है। बता दें कि भारत के अलावा रूस ने 3 फरवरी 1966, अमेरिका ने 2 जून 1966 और चीन ने 14 दिसंबर 2013 में मून परीक्षण को सफलता पूर्वक किया गया था।

 इससे पहले चंद्रयान 2 को भारत लॉन्च कर चुका है। इस मिशन को भारत के इसरो ने 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया था। इसने 20 अगस्त 2019 को चंद्रयान की कक्षा में प्रवेश किया था। वहीं इसे सात सितंबर 2019 को चांद की सतह पर लैंड करना था मगर लैंडिंग से चंद मिनट पहले ही रोवर हादसे का शिकार हो गया था और चंद्रयान 2 मिशन सफल नहीं हो सका था। 

 ये हैं चंद्रयान 3 मिशन की अहम बातें
- चंद्रयान 3 मिशन चांद पर यात्रा के लिए भारत का तीसरा अभियान है।
- चंद्रयान 2 मिशन के असफल होने के चार वर्षों के बाद भारत चंद्रयान 3 मिशन को लॉन्च कर रहा है।
- चंद्रयान 3 को आज दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से इसे प्रक्षेपित किया जाएगा।
- चंद्रयान 3 को बाहुबली रॉकेट एलवीएम 3 की मदद से बाहरी ऑर्बिट तक ले जाया जाएगा।
- चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करना ही इस चंद्रयान 3 मिशन का मुख्य मकसद है।
- चंद्रयान 2 के मुकाबले इसरो ने चंद्रयान 3 में कई अहम बदलाव किए है।
- चंद्रयान 3 पूरे 40 दिनों की लंबी यात्रा को करने के बाद चांद के दक्षिणी पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।
- चंद्रयान 3 बिना ऑर्बिटर के है, क्योंकि ये चंद्रयान 2 के ऑर्बिटर की मदद से चलेगा।
- अगर भारत सॉफ्ट लैंडिंग में सफल होगा तो ऐसा करने वाला भारत चौथा देश बनेगा।
- चंद्रयान 3 को बनाने में सिर्फ 615 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो फिल्म मिशन इम्पॉसिबल 7 को बनाने से भी चार गुणा कम है।

 बता दें कि चंद्रयान 3 सफल होता है तो पूरे सौरमंडल को समझने में मदद मिलेगी। इससे अंतरिक्ष में मिशन के लिए परिक्षण को मदद मिलेगी। चांद पर कई कीमती खनिज हो सकते हैं, जिनके संबंध में जानकारी मिल सकती है। 

किए गए हैं कई बदलाव
बता दें कि इस चंद्रयान 3 में कई तरह से बदलाव भी किए गए है। चंद्रयान 3 बिना ऑर्बिटर के ही जाएगा क्योंकि ये चंद्रयान 2 के ऑर्बिटर की मदद से चलेगा। इसमें ऑर्बिटर की जगह प्रोपल्शन मॉड्यूल को स्थापित किया गया है। चंद्रयान 2 में रोवर लैंड करने से पहले ध्वस्त हो गया था वहीं अब इसरो के वैज्ञानिकों ने लैंडर ज्यादा मजबूत बनाया है। इस चंद्रयान 3 मे कई शक्तिशाली सौर पैनल लगाए गए है। स्पीड तय करने के लिए अलग से सेंसर भी लगाए गए है। सॉफ्टवेयर में आई दिक्कत को दूर किया गया है। इस लैंडर में पहले की अपेक्षा अधिक इंधन भी लगाया गया है।

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