Dadasaheb Phalke Death Anniversary: दादा साहब फाल्के ने रखी थी Indian Cinema की नींव, ऐसे बनी थी पहली फिल्म

By अनन्या मिश्रा | Feb 16, 2026

आज ही के दिन यानी की 16 फरवरी को भारतीय सिनेमा के पिता कहे जाने वाले फिल्ममेकर दादा साहब फाल्के का निधन हो गया था। उन्होंने भारतीय सिनेमा की पहली स्क्रिप्ट लिखी थी। उन्होंने फिल्म कंपनी की स्थापना करने के साथ भारत की पहली मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' बनाई थी। यह भारत की पहली पूर्ण लंबाई वाली फीचर फिल्म थी। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर दादा साहब फाल्के के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

इसे भी पढ़ें: Madhubala Birth Anniversary: 'Venus of Indian Cinema' थीं मधुबाला, 9 साल की उम्र में शुरू किया था फिल्मी सफर

फिल्मी सफर

साल 1913 में दादा साहब फाल्के ने फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र'  नामक पहली फुल लेंथ फीचर फिल्म बनाई थी। वह एक निर्देशक नहीं बल्कि एक जाने-माने निर्माता और स्क्रीन राइटर भी थे। उन्होंने 19 साल के फिल्मी करियर में करीब 95 फिल्में और 27 शॉर्ट फिल्में बनाई थीं। 'द लाइफ ऑफ क्राइस्ट' देखने के बाद दादा साहब फाल्के को फिल्म बनाने का ख्याल आया। इस फिल्म ने उन पर इतनी गहरी छाप छोड़ी थी कि उन्होंने फिल्म बनाने की ठान ली।

हालांकि यह काम इतना भी आसान नहीं था। वह एक दिन में चार-पांच घंटे सिनेमा देखते, जिससे कि फिल्म मेकिंग की बारीकियां सीख सकें। बताया जाता है कि उनकी पहली फिल्म का बजट करीब 15 हजार रुपए था। इस फिल्म के लिए दादा साहब ने अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया था।

उस दौर में फिल्म बनाने के जरूर उपकरण सिर्फ इंग्लैंड में मिलते थे। इंग्लैंड जाने के लिए दादा साहब फाल्के ने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी थी। पहली फिल्म बनाने में उनको करीब 6 महीने का समय लग गया था। दादा साहब फाल्के की आखिरी मूक फिल्म 'सेतुबंधन' थी।

मृत्यु

वहीं 16 फरवरी 1944 को दादा साहब फाल्के ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।

प्रमुख खबरें

महंगे Recharge से राहत! BSNL के Yearly Plans बने पहली पसंद, पाएं 365 दिन तक Daily Data.

Air India पर दोहरी मार! महंगा Fuel और Pakistan का बंद एयरस्पेस, रोजाना 100 उड़ानें हुईं कम।

West Bengal में Suvendu Govt का Action, Annapurna Bhandar के लिए होगी Lakshmi Bhandar लाभार्थियों की जांच

NEET Scam 2024: एक एजेंसी, दो Exam, अलग सिस्टम क्यों? NTA की पेन-पेपर वाली जिद पर उठे सवाल