भारत ने रूस के साथ कर ली ऐसे 'खजाने' की डील, चौंक जाएगा चीन!

By अभिनय आकाश | May 29, 2026

दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी, सबसे एडवांस मिसाइलें, इलेक्ट्रिक कारें, रडार, फाइटर जेट और यहां तक कि स्मार्टफोन। इन सबकी असली ताकत आखिर क्या है? ना तेल ना गैस बल्कि एक ऐसा खजाना जिसके बिना आधुनिक दुनिया रुक सकती है और इसी खजाने को लेकर अब दुनिया में नई जंग शुरू हो चुकी है। चीन ने जिस चीज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है अब उसी को लेकर भारत ने अमेरिका, रूस, जापान और ऑस्ट्रेलिया तक से हाथ मिला लिया है। औदरअसल रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स वो खास खनिज होते हैं जिनके बिना आज की हाईटेक दुनिया अधूरी है। यानी अगर यह मिनरल्स रुक जाए तो दुनिया की टेक्नोलॉजी की रफ्तार थम सकती है।  सबसे बड़ी बात इन खनिजों पर इस वक्त सबसे ज्यादा पकड़ चीन की है। 

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हाल ही में क्वाड देशों ने जैसे भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने एक बड़ा क्रिटिकल मिनरल इनिशिएटिव  लॉन्च किया है। जिसका मकसद है सप्लाई चेन मजबूत करना, चीन पर निर्भरता घटाना, $20 अरब डॉलर निवेश और हिंद और प्रशांत महासागर में नई रणनीति। यानी दुनिया अब खुलकर मान रही है कि अगर चीन ने सप्लाई रोक दी तो पूरी टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री हिल सकती है और यही डर अब भारत समेत कई देशों को नई रणनीतिक साझेदारियों की तरफ धकेल रहा है। अब सवाल यह है कि भारत के पास खुद क्या है? तो जवाब है भारत के पास भी क्रिटिकल मिनरल्स का बड़ा भंडार मौजूद है। भारत के पास लिथियम कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट, टाइटेनियम, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, सिलिकॉन, टंगस्टन सरकार ने ओसा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। जिसका मकसद साफ है कि भारत सिर्फ खरीदार नहीं बल्कि भविष्य में खुद एक बड़ी सप्लाई ताकत बनना चाहता है। 

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