By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 14, 2024
नयी दिल्ली। भारत हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट शनिवार को ईरानी सेना द्वारा जब्त किये गए एक इजराइली अरबपति कारोबारी के आंशिक स्वामित्व वाली कंपनी से संबद्ध मालवाहक जहाज पर सवार 17 भारतीय नागरिकों को मुक्त कराने के लिए ईरान के संपर्क में है। ईरान और इजराइल के बीच तनाव बढ़ने की पृष्ठभूमि में यह घटनाक्रम हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत ने अपने नागरिकों की सलामती और उन्हें शीघ्र मुक्त कराने को सुनिश्चित करने के लिए राजनयिक माध्यमों से तेहरान और नयी दिल्ली, दोनों स्थानों पर ईरानी अधिकारियों के समक्ष यह विषय उठाया है। सीरिया में 12 दिन पहले ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले के जवाब में इजराइली क्षेत्र पर ईरान के हमला करने की आशंका बढ़ने के बीच यह घटना हुई।
आईआरएनए की खबर में कहा गया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कोर (आईआरजीसी) के विशेष नौसेना बलों ने शनिवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एमसीएस एरीज नाम के जहाज को जब्त कर लिया और वे इसे ईरान के जल क्षेत्र की ओर ले जा रहे हैं। तनाव बढ़ने के बीच, इजराइली सैन्य प्रवक्ता डेनियल हागेरी ने कहा, ‘‘स्थिति को और अधिक गंभीर बनाने का विकल्प चुनने के अंजाम ईरान को भुगतने होंगे।’’ ब्रिटेन की मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने घटना की संक्षिप्त अद्यतन जानकारी देते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह तट पर ‘‘क्षेत्रीय अधिकारियों’’ द्वारा जहाज को जब्त करने का उल्लेख किया।
हालांकि, इसने ईरानी सेना की संलिप्तता का जिक्र नहीं किया। दमिश्क में एक अप्रैल को ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। ईरानी मीडिया ने बताया कि हमले में दो जनरल सहित रिवोल्यूशनरी गार्ड के सात कर्मी मारे गए। हमले का बदला लेने का ईरान द्वारा संकल्प लेने के बाद, तेल अवीव से मीडिया में आई खबरों में कहा गया कि इजराइली सेना किसी भी अकस्मात स्थिति के लिए तैयारी कर रही है। शुक्रवार को, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने ईरान को इजराइल पर हमले के खिलाफ चेतावनी दी थी। भारत ने शुक्रवार को एक परामर्श जारी करते हुए अपने नागरिकों को ईरान और इजराइल की यात्रा नहीं करने की सलाह दी थी।