विदेश नीति के मोर्चे पर भारत काफी सक्रिय तो है मगर यूक्रेन मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कर पाया

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Apr 01, 2022

ऐसा लगता है कि तुर्की में चल रहा रूस-यूक्रेन संवाद शीघ्र ही उनका युद्ध बंद करवा देगा लेकिन इस मौके पर भारतीय विदेश नीति की कमजोरी साफ़-साफ़ उभर कर सामने आ रही है। जो काम भारत को करना चाहिए था, वह तुर्की कर रहा है। यह ठीक है कि तुर्की के अमेरिका और रूस दोनों से अच्छे संबंध हैं और वह नाटो का सदस्य भी है लेकिन इस समय अमेरिका और रूस के भारत के साथ जितने घनिष्ठ संबंध हैं, वैसे किसी देश के नहीं हैं।

इसे भी पढ़ें: रूस-यूक्रेन युद्ध से हो रही बर्बादी ने अंहिसा की ताकत का महत्व दर्शाया

हर सप्ताह के दो-तीन दिन कोई न कोई विदेशी मेहमान भारत जरूर आ रहा है और भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित दोभाल भी विदेश यात्राएं कर रहे हैं। रूसी विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव यदि नई दिल्ली आ रहे हैं तो अमेरिका ने अपने उप-सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह को भारत भेज दिया है ताकि भारत सरकार लावरोव के भुलावे में न फंस जाए।

अमेरिका और नाटो राष्ट्रों की भरसक कोशिश है कि भारत किसी न किसी रूप में रूस की भर्त्सना करे और उस पर प्रतिबंधों को भी लागू करे लेकिन रूसी व्यापारिक प्रतिनिधि आजकल दिल्ली में बैठकर यह कोशिश कर रहे हैं कि भारत को बड़ी मात्रा में तेल कैसे बेचा जाए। इस्राइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट भी भारत आने वाले थे लेकिन अस्वस्थता के कारण उनकी यात्रा अभी टल गई है।

इसे भी पढ़ें: यूक्रेन मामले पर हर राष्ट्र अपना स्वार्थ देख रहा है तो भारत क्या गलत कर रहा है?

इस बीच बिम्सटेक की बैठक के लिए जयशंकर श्रीलंका पहुंचे हुए हैं। बिम्सटेक के सात देशों की बैठक को हमारे प्रधानमंत्री भी संबोधित कर रहे हैं। ये सात देश अपना घोषणा पत्र तैयार कर रहे हैं और आपसी सहयोग का महत्वपूर्ण समझौता भी कर रहे हैं। दक्षेस के निष्क्रिय होने पर बिम्सटेक की सक्रियता विशेष स्वागतयोग्य है।

इस समय जयशंकर की यह श्रीलंका-यात्रा बहुत सार्थक और सामयिक सिद्ध हो रही है, क्योंकि श्रीलंका के अपूर्व आर्थिक संकट में भारत ने सीधी मदद की घोषणा की है और जाफना में चीनियों के प्रस्तावित तीन सौर-केंद्रों को अब भारत चलाएगा। श्रीलंका के साथ दो रक्षा-समझौते भी हुए हैं। इस मौके पर मिली भारतीय सहायता श्रीलंका को चीन का चंगुल ढीला करने का साहस भी प्रदान करेगी।

-वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

Hindustan Zinc में Stake Sale की तैयारी, ₹80,000 करोड़ का Disinvestment Target पूरा करेगी सरकार

Womens Asia Cup से पहले Pakistan को बड़ा झटका, Najiha Alvi चोटिल होकर बाहर, Sadaf Shamas की हुई एंट्री

England Cricket में बड़ा बवाल, Nightclub के बाहर हथकड़ी में दिखे Brydon Carse टेस्ट मैच से बाहर

हरियाणा में Godrej Group का मेगा प्लान, 20,000 करोड़ के Investment से खुलेंगे 40,000 Jobs के नए द्वार